शहडोल | मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने शहडोल कलेक्टर केदार सिंह पर कड़ी नाराजगी जताते हुए 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने कहा कि कलेक्टर गांधारी की तरह आंखों पर पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं। आदेश दिया गया है कि यह राशि 30 दिन के भीतर पीड़ित को दी जाए।
दरअसल, मामला रेत माफिया के खिलाफ शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता सुशांत बैस पर प्रशासन ने NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई कर दी थी। सुशांत बैस ने इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
‘टाइपिंग मिस्टेक’ वाली दलील पर कोर्ट नाराज
सुनवाई के दौरान कलेक्टर की ओर से कोर्ट को बताया गया कि टाइपिंग मिस्टेक के कारण गलत व्यक्ति पर NSA लगा दिया गया। इस दलील को सुनते ही हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की लापरवाही गंभीर प्रशासनिक चूक है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
भविष्य में गलती न दोहराने की नसीहत
हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि NSA जैसे कड़े कानून में इस तरह की लापरवाही किसी की आज़ादी से खिलवाड़ है। इसी कारण कलेक्टर पर 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया, ताकि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो।
30 दिन में पीड़ित को देना होगा मुआवजा
कोर्ट ने आदेश दिया है कि कलेक्टर केदार सिंह यह राशि 30 दिनों के भीतर पीड़ित सुशांत बैस को भुगतान करें। आदेश की अवहेलना पर आगे सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।




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