MORENA MP।मुरैना जिले में सोमवार को कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ का कड़ा प्रशासनिक रुख एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया। कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए कलेक्टर ने वीडियो कॉल के ज़रिए उपस्थिति जांच की और 10 कर्मचारियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
वीडियो कॉल से अचानक ली हाजिरी
जिला मुख्यालय पर सोमवार को आयोजित टीएल बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों, जनपद पंचायत सीईओ और राजस्व अधिकारियों को वीडियो कॉल के माध्यम से जोड़ा। बैठक के दौरान उन्होंने अचानक पटवारियों, पंचायत सचिवों और अन्य फील्ड कर्मचारियों को वीडियो कॉल कर उनकी लोकेशन पूछनी शुरू कर दी।
केवाईसी का बहाना — “अभी तो तुम नहाए भी नहीं हो!”
कलेक्टर की अचानक कॉल देखकर कई कर्मचारी घबरा गए।
एक पटवारी ने बताया कि वह केवाईसी का कार्य कर रहा है। इस पर कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा —
> “अभी तो तुम नहाए भी नहीं हो, घर पर ही हो। ऐसा लग रहा है कि अभी सोकर उठे हो। लोकेशन दिखाओ — किसकी केवाईसी कर रहे हो?”
लोकेशन जांचने पर पटवारी का झूठ सामने आ गया, जिस पर कलेक्टर ने तत्काल कहा —
> “इसे सस्पेंड करो, आदेश बनाओ।”
ऐसे ही कई कर्मचारियों ने अलग-अलग बहाने बनाए — कोई रास्ते में था, तो कोई कथित तौर पर किसी शासकीय कार्य पर — लेकिन जब लोकेशन मांगी गई तो सभी बहाने झूठे निकले।
कलेक्टर की सख्ती — 10 कर्मचारी निलंबित
कलेक्टर लोकेश जांगिड़ ने बिना देरी किए लापरवाह पटवारियों और सचिवों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 10 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन के निर्देशों का पालन न करने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
‘नायक’ फिल्म जैसा अवतार
कलेक्टर का यह रुख जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया है। लोग सोशल मीडिया पर और आम बातचीत में कह रहे हैं कि आज कलेक्टर ने अनिल कपूर की फिल्म "नायक" वाले किरदार की तरह कार्रवाई की।
प्रशासनिक सख्ती और अनुशासनप्रियता के लिए पहले से चर्चित कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ को अब लोग “रियल लाइफ नायक” कहकर संबोधित कर रहे हैं।
11 से 1 बजे तक पंचायत में रहना अनिवार्य
दरअसल, कलेक्टर ने पहले ही आदेश जारी किया था कि हर पटवारी को सोमवार से गुरुवार तक सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक पंचायत में उपस्थित रहना अनिवार्य है, उसके बाद वे फील्ड कार्य के लिए जा सकते हैं।
लेकिन शिकायतें मिल रही थीं कि कई पटवारी और सचिव इस आदेश का पालन नहीं कर रहे। इसी शिकायत की जांच के लिए कलेक्टर ने आज रैंडम चेकिंग की, जिसमें लापरवाही की पोल खुल गई।
अनुशासन और जवाबदेही का संदेश
कलेक्टर जांगिड़ की इस कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। उन्होंने साफ कहा कि सरकारी सेवा में रहते हुए कर्तव्यनिष्ठा और पारदर्शिता सर्वोपरि है। जो भी कर्मचारी शासन की नीतियों और आदेशों का उल्लंघन करेगा, उस पर कठोर कार्रवाई होगी।
मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में प्रशासनिक अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा। वीडियो कॉल से हाजिरी जांचने की उनकी अनोखी शैली अब सुशासन का प्रतीक बन गई है और कर्मचारियों के लिए सख्त संदेश — “काम करें या कार्रवाई के लिए तैयार रहें।”
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