भोपाल/सतना। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने शुक्रवार को सतना जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में गंदगी और वार्डों में बिस्तरों पर बिछी मैली चादरें देखकर वे नाराज़ हो गए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल साफ-सफाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री शुक्ल को कई वार्डों में बिना बेडशीट के गद्दे और गंदे माहौल देखने को मिले। जब उन्हें बताया गया कि अस्पताल की लॉन्ड्री व्यवस्था आउटसोर्स पर है, तो उन्होंने संबंधित एजेंसी पर कड़ी निगरानी रखने और नियमित गुणवत्ता जांच के निर्देश दिए। साथ ही मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
इसके अलावा उपमुख्यमंत्री ने जिले के ड्रग कंट्रोलर को निर्देश दिए कि जिन मेडिकल स्टोर्स पर फार्मासिस्ट मौजूद नहीं हैं, उन्हें तुरंत बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि दवा दुकानों का संचालन जिम्मेदारी का कार्य है और गलत दवा से किसी का जीवन संकट में नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टरों को सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद हुई समीक्षा बैठक में श्री शुक्ल ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल से लेकर उप स्वास्थ्य केंद्रों तक सभी स्तरों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखें।
उन्होंने जिला अस्पताल परिसर में 32.54 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 150 बिस्तरों के नए अस्पताल भवन के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्माण एजेंसी को अक्टूबर 2026 तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए, जो निर्धारित समय-सीमा से दो माह पहले है।
श्री शुक्ल ने यह भी कहा कि जिन मरीजों के पास आयुष्मान कार्ड है, उनके लिए जिला स्तर पर ही एयर एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय कलेक्टर और सीएमएचओ ले सकते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, “किसी भी संस्थान की पहचान उसकी साफ-सफाई और सेवा गुणवत्ता से होती है। जिला अस्पताल में सुधार के लिए सभी अधिकारी गंभीरता से काम करें।”




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