भोपाल। कटनी की रहने वाली अर्चना तिवारी अपनी शादी से खुश नहीं थी और इसी वजह से वह अपने दोस्त की मदद से काठमांडू भाग गई। अर्चना विदेश में नई जिंदगी शुरू करना चाहती थी, लेकिन उसके अरमानों पर रेल पुलिस ने पानी फेर दिया। पुलिस ने उसे नेपाल बॉर्डर से बरामद कर परिजनों के हवाले कर दिया है। अब अर्चना कटनी वापस पहुंच चुकी है।
पढ़ाई और करियर में आगे थी अर्चना
अर्चना तिवारी ने कटनी से ग्रेजुएशन और उसके बाद एलएलबी की पढ़ाई की। वह हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर चुकी है और जबलपुर में भी कुछ समय तक वकालत की। इंदौर में रहकर वह सिविल जज बनने की तैयारी कर रही थी और एक निजी संस्थान में दाखिला लेकर हॉस्टल में रहती थी। वकालत से भी वह अच्छी कमाई कर रही थी।
छात्र राजनीति से भी जुड़ी रही
रेल एसपी राहुल लोढ़ा ने बताया कि अर्चना तिवारी छात्र राजनीति में भी सक्रिय रही है। कटनी में वह स्टूडेंट लीडर रही और छात्र नेताओं से उसके गहरे संबंध रहे।
शादी को लेकर विवाद
परिवार ने अर्चना की शादी एक पटवारी से तय कर दी थी। हालांकि अर्चना का मानना था कि उसका करियर और प्रोफ़ाइल उस रिश्ते से मेल नहीं खाता। वह पहले करियर में सेट होना चाहती थी, उसके बाद ही शादी पर विचार करने के पक्ष में थी। इसी बात को लेकर उसकी मां से भी झगड़ा हुआ और घर में तनाव बढ़ गया।
दोस्त की मदद से बनाई योजना
शादी के दबाव से परेशान होकर अर्चना ने घर छोड़ने का फैसला किया। हरदा के पास एक ढाबे पर बैठकर उसने भागने की योजना बनाई, जिसमें उसके दोस्त सारांश जोगबंद ने मदद की। इसके बाद वह नेपाल बॉर्डर तक पहुंच गई, लेकिन रेल पुलिस ने समय रहते उसे पकड़ लिया।
परिवार को सौंपा गया
पुलिस ने अर्चना को लखीमपुर खीरी से बरामद कर परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल अर्चना कटनी लौट आई है।




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