HSRP क्यों जरूरी?
HSRP न केवल वाहन की सुरक्षा बढ़ाता है, बल्कि यह डुप्लीकेट आरसी, पता परिवर्तन, परमिट, पंजीयन, फिटनेस प्रमाण पत्र जैसी सभी सेवाओं की पूर्वशर्त बन जाएगा।
HSRP न होने पर मोटर मालिकों को निम्न सेवाएं नहीं मिल पाएंगी:
पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट
डुप्लीकेट RC, एड्रेस अपडेट
परमिट जारी/नवीनीकरण
टैक्स और NOC जारी करना
स्वामित्व परिवर्तन या हाइपोथिकेशन जोड़ना/हटाना
वाहन पंजीयन रद्द कराना
डुप्लीकेट फिटनेस सर्टिफिकेट
और वाहन पोर्टल की सभी अन्य डिजिटल सेवाएं
3 माह की समय-सीमा:
परिवहन विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि अगले 3 महीनों में सभी पुराने वाहनों में HSRP लगाने का कार्य पूरा किया जाए। इसके लिए जिलेवार डीलरों के माध्यम से विशेष अभियान चलाया जाएगा।
डाटा अपडेट का कार्य तेज:
वाहन पोर्टल में वाहन से जुड़ी जानकारी अद्यतन करने के लिए NIC के माध्यम से निगरानी की जाएगी। सभी जिला परिवहन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में डीलरों के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सड़क सुरक्षा की दृष्टि से भी जरूरी:
HSRP प्लेट्स इन्फोर्समेंट कैमरों द्वारा आसानी से पढ़ी जा सकती हैं, जिससे यातायात नियमों का पालन और अपराध पर निगरानी आसान हो जाती है।
परिवहन विभाग की अपील:
प्रदेश के सभी वाहन मालिक जल्द से जल्द HSRP लगवाकर वाहन पोर्टल पर अपने डाटा को अद्यतन कराएं, ताकि भविष्य में कोई असुविधा ना हो। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सड़क सुरक्षा व पारदर्शिता को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।




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