शुभम सोनी विदिशा, 17 जुलाई। जिले के सिरोंज क्षेत्र में एक दलित बालक आकाश अहिरवार की मौत और उसके शव को मोटरसाइकिल पर ले जाने का वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र भर में आक्रोश का माहौल बन गया है। यह घटना न केवल प्रशासनिक संवेदनहीनता को उजागर करती है, बल्कि मानवता को भी शर्मसार करने वाली है।
मृत बालक को न तो इलाज के लिए समय पर एम्बुलेंस मिल सकी, और न ही मृत्यु के बाद शव वाहन की सुविधा प्राप्त हुई। परिजनों को मजबूरी में शव को मोटरसाइकिल पर चादर में लपेटकर ले जाना पड़ा। यह दृश्य देखकर लोग स्तब्ध हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।
विपक्ष ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। नेताओं ने कहा कि “न व्यवस्थाएं सुधरीं, न इंसानियत बची।” उन्होंने इसे दलित वर्ग के साथ घोर अन्याय बताया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रदेश में स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती यह घटना प्रशासनिक तंत्र की गंभीर विफलता का प्रतीक बनकर सामने आई है।




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