विदिशा लटेरी में बालू माफिया बेलगाम, 8000 रुपये ट्रॉली में बिक रही बालू – प्रशासन मौन, गरीब हितग्राही बेहाल


विदिशा (म.प्र.) –
जिले के लटेरी क्षेत्र में बालू रेत की कालाबाजारी अपने चरम पर है। प्रशासनिक आदेशों और शिकायतों के बावजूद बासुआ बालू माफिया खुलेआम 7000 से बढ़ाकर अब 8000 रुपये प्रति ट्रॉली की दर से रेत बेच रहे हैं। इसकी शिकायत प्रिंट मीडिया और स्थानीय नागरिक द्वारा 26 जून को जिला कलेक्टर अंशुल गुप्ता, माइनिंग विभाग के जिला अधिकारी एवं लटेरी एसडीएम तक पहुंचाई गई थी, लेकिन आज तक न कोई छापामारी हुई, न ही कोई ठोस कार्रवाई सामने आई।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि माइनिंग विभाग सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है और बासुआ माफिया का मनोबल दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। ट्रॉली रेट में बेतहाशा बढ़ोत्तरी के चलते प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। माइनिंग विभाग सिर्फ औपचारिकता निभा रहा है और ज़मीनी स्तर पर कोई छापामारी या रोकथाम की कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही है। नतीजन बासुआ क्षेत्र में बालू माफिया का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वह रोज़ नई दरें तय कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री आवास लक्ष्य की पूर्ति पर संकट

शनिवार को केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी हितग्राहियों को समय पर और सस्ती दरों पर निर्माण सामग्री मुहैया कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में नवाचार करते हुए सीमेंट सहित सभी निर्माण सामग्री की सामूहिक खरीद की जाए, ताकि फैक्टरियों से सीधे सामग्री आ सके और ट्रांसपोर्ट लागत कम हो।

लेकिन जब तक रेत जैसी मुख्य सामग्री माफियाओं के शिकंजे में रहेगी और प्रशासन मूकदर्शक बना रहेगा, तब तक हितग्राहियों को समय पर आवास निर्माण में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

खबरें और शिकायतें सामने आने के बावजूद प्रशासन की ओर से न कोई छापा, न कार्रवाई – यह लापरवाही अब सवालों के घेरे में है। क्या अधिकारी माफियाओं से मिले हुए हैं? या फिर जानबूझकर ग्रामीणों की आवाज को नजरअंदाज कर रहे हैं?

विदिशा जिले में यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो पीएम आवास योजना की समयसीमा पर सवाल उठेंगे और हितग्राहियों का सपना अधूरा रह जाएगा। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस खबर के बाद नींद से जागता है या बासुआ बालू माफियाओं के सामने घुटने टेकता है।
📣 जनहित में सवाल:

1. क्या जिला प्रशासन रेत की कालाबाजारी पर नकेल कसेगा?

2. क्या प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही को राहत मिलेगी?

3. क्या कोई अधिकारी ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा?

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ