विदिशा, 26 मई – कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने आज कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यों की सतत निगरानी तथा समय-सीमा में पूर्णता सुनिश्चित की जाए।
बैठक में कलेक्टर श्री गुप्ता ने स्पष्ट किया कि बारिश से पहले सभी निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएं ताकि आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया।
कलेक्टर ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक निर्माण स्थल पर सूचना पटल (इंफॉर्मेशन बोर्ड) लगाना अनिवार्य किया जाए, जिससे आमजन को कार्य की प्रकृति, लागत, अवधि और एजेंसी संबंधी जानकारी प्राप्त हो सके। साथ ही सड़कों पर निर्माण कार्य के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए उन्होंने साइन बोर्ड बड़े पैमाने पर लगाने के निर्देश भी दिए, ताकि यातायात सुरक्षित रहे।
एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं पर जोर
कलेक्टर श्री गुप्ता ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) और एमपीआरडीसी की निर्माण गतिविधियों की समीक्षा करते हुए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर एम्बुलेंस की तैनाती की प्रक्रिया शीघ्र क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 100 डायल, 108, 1099 एवं एनएचआई के 1033 जैसे टोल फ्री नंबरों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बैठक में एनएच, पीएमजीएसवाई, पुलिस हाउसिंग बोर्ड, आरईएस, पीडब्ल्यूडी (सड़क एवं भवन), एमपीआरडीसी, पीडब्ल्यूडी ब्रिज, एनएचएआई और मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गई।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार डामोर, संयुक्त कलेक्टर एवं जिला नोडल अधिकारी श्रीमती शशि मिश्रा सहित विभिन्न निर्माण विभागों के जिला एवं संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।




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