देवास, मध्यप्रदेश – बुधवार को खरे नर्सिंग होम में एक गर्भवती महिला की डिलीवरी के दौरान उसके गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो जाने के बाद भारी हंगामा हो गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है और कहा कि डिलीवरी से पहले तक महिला पूरी तरह स्वस्थ थी।
परिजनों के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने अचानक उन्हें सूचना दी कि गर्भ में ही बच्चे की मृत्यु हो गई है। इस खबर के बाद परिजनों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने अस्पताल के बाहर विरोध शुरू कर दिया।
गुंडों को बुलाने का आरोप:
स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मौजूद एक व्यक्ति ने बाहर से गुंडों को बुला लिया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर परिजनों को गालियां दीं और धमकियाँ दीं। इससे माहौल पूरी तरह अशांत हो गया और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।
अस्पताल प्रशासन का पक्ष:
वहीं अस्पताल प्रशासन ने खुद पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि परिजनों द्वारा इलाज में हस्तक्षेप किया गया और स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया गया, जिससे काम में बाधा आई।
यह मामला न केवल चिकित्सा लापरवाही की संभावनाओं को उजागर करता है, बल्कि अस्पतालों में सुरक्षा और पारदर्शिता की आवश्यकता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।




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