विदिशा (मध्य प्रदेश), 30 अप्रैल 2025:मध्य प्रदेश की कृषि मंडियों में लंबे समय से चल रहे भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा हुआ है। विदिशा जिले की कुरवाई, लटेरी और गुलाबगंज मंडियों में करोड़ों रुपए के घोटाले सामने आए हैं। दस्तावेजों की जांच से खुलासा हुआ है कि इन मंडियों में फर्जी खरीदी और कागजी हेराफेरी के जरिए भारी गबन किया गया।
:- कुरवाई मंडी में लगभग 94 लाख रुपए का गबन हुआ।
-: लटेरी मंडी में गबन की राशि लगभग 4 से 5 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
:- गुलाबगंज मंडी में मंडी सचिव और अकाउंटेंट द्वारा 75 लाख रुपए का गबन किया गया।
इन घोटालों में मंडी के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है, जिन्होंने सरकारी धन का दुरुपयोग करते हुए कागजों में फर्जीवाड़ा किया।
हालांकि मंडी प्रशासन द्वारा जांच पहले ही शुरू कर दी गई थी, लेकिन शिकायत दर्ज होने के दो साल बाद एफआईआर दर्ज की गई, जिससे कई आरोपी फरार हो गए। इसके चलते प्रशासन की गंभीरता और कार्रवाई की गति पर सवाल उठ रहे हैं।
अब तक की कार्रवाई:
गुलाबगंज मंडी मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। विदिशा मंडी सचिव नीलकमल ने बताया कि जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी गई है। वहीं, पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने बताया कि कुल तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से दो की गिरफ्तारी हो चुकी है और आगे भी जांच जारी है।
जांच में और खुलासों की संभावना:
पुलिस द्वारा सभी मंडियों से दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं और आगे और भी आरोपियों की पहचान होने पर उन पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी।
यह मामला न केवल मंडी प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किसानों के हक का पैसा किस तरह अफसरों की मिलीभगत से हड़पा गया। अब देखना होगा कि सरकार इस पर कितनी सख्त कार्रवाई करती है।




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