अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई पर बिफरे ग्रामीण, आबकारी टीम पर हमला – एडीओ घायल, 5 गिरफ्तार, 11 नामजद

रायसेन। रायसेन जिले में अवैध शराब के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम अब चुनौती में बदलती जा रही है। गुरुवार को ग्राम पठारी में अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई करने पहुंची आबकारी टीम को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। शराब पकड़ने गई टीम पर अचानक हमला बोल दिया गया, जिसमें विभाग की एडीओ सरिता चंदेल गंभीर रूप से घायल हो गईं।

टीम जब ग्राम पठारी निवासी काशीबाई के घर दबिश दे रही थी, तभी 75 क्वार्टर अवैध शराब की बरामदगी के दौरान काशीबाई के परिजन और अन्य ग्रामीण भड़क उठे। देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया और टीम को जान बचाकर मौके से भागना पड़ा। घायल एडीओ को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस बल मौके पर पहुंचा और त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही 11 नामजद व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, शासकीय कार्य में बाधा और गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने कहा कि हमलावरों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों में दो अपराधी पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रखते हैं।

जिले में बढ़ रहा जनआक्रोश

रायसेन जिले में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से ग्रामीणों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। प्रशासन की अनदेखी के चलते अब जनता खुद मोर्चा खोल रही है। दो दिन पहले सिलवानी तहसील के ग्राम खमरिया में महिलाओं ने अवैध शराब बेच रहे युवकों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। अब अन्य गांवों में भी विरोध की लहर तेज हो रही है।

प्रशासन की सख्ती, या सिस्टम की ढील?

प्रशासनिक सख्ती के बावजूद गांव-गांव में अवैध शराब का कारोबार बेरोकटोक जारी है। सवाल यह है कि क्या सिर्फ कार्रवाई ही काफी है या इस धंधे की जड़ों तक पहुंचकर उसे खत्म करना जरूरी है? फिलहाल आबकारी विभाग की टीम निशाने पर है और गांवों में कानून व्यवस्था की बड़ी चुनौती सामने आ रही है।

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