सागर-सिरोंज लटेरी | संसदीय क्षेत्र सांसद डॉ लता वानखेडे ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर ग्राम सदलगा जिला बेलगावी में संचालित केंद्रीय विद्यालय का नामकरण राष्ट्रसंत जैनाचार्य संत शिरोमणि 108 श्री विद्यासागर जी महाराज केंद्रीय विद्यालय सदलगा करने का निवेदन किया।
इस अवसर पर डॉ लता वानखेडे ने कहा कि भारतीय संस्कृति के उत्थान करने में संतो, साधुजनों का सदा ही अभूतपूर्व योगदान रहा है और उन्होंने जाति, पंथ, संप्रदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर प्राणी मात्र के कल्याण हेतु निरंतर प्रयास किये इसी कड़ी में राष्ट्रसंत जैनाचार्य संत शिरोमणि 108 श्री विद्यासागर जी महाराज का नाम अग्रणी रूप से लिया जाता है, कि जिन्होंने अपनी 78 वर्ष की आत्मसाधना के साथ प्राणी मात्र के हित और कल्याण के लिए निरंतर प्रयास किये, और वर्तमान में उनकी ही प्रेरणा से देशभर में विभिन्न प्रकार के प्रकल्प चल रहे हैं। उन्होने कहा कि राष्ट्रसंत जैनाचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का जन्म, लालन पालन, शिक्षा आदि लगभग 22 वर्षों तक सदलगा तहसील चिक्कोडी जिला बेलगावी कर्नाटक में हुई थी। दक्षिण भारत में जन्मे संत शिरोमणि विद्यासागर जी महाराज ने अपने जीवन के 57 वर्ष उत्तर भारत के राजस्थान, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, गुजरात, उड़ीसा, महाराष्ट्र आदि प्रांतो में लाखों किलोमीटर की पदयात्रा कर मानवीय मूल्यों की स्थापना करने का निरंतर प्रयास किया।
इसलिए उनके देशव्यापी योगदान को सदा याद रखने वर्तमान में ग्राम सदलगा तहसील चिक्कोड़ी जिला बेलगामी कर्नाटक में केंद्रीय विद्यालय संगठन के द्वारा दसवीं कक्षा तक का केंद्रीय विद्यालय जिसे सत्र 1921 से संचालित किया जा रहा है उसका नामकरण राष्ट्रसंत जैनाचार्य संत शिरोमणि 108 श्री विद्यासागर जी महाराज के नाम से करने का निवेदन किया ताकि महाराज जी के योगदानों को सदा याद रखा जाए।




0 टिप्पणियाँ