रक्षाबंधनः अधिकांश मिठाई विक्रताओं ने नहीं लिया लाइसेंस बाजारों से खाद्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी नदारद

Reva Madhya Pradesh। शहर में त्योहारों को देखते हुए मिठाइयों की दुकानें सज गई है, कुछ जगह तो अलग से तंबू लगाकर सड़क किनारे भी मिठाइयां बेची जा रही हैं लेकिन अधिकांश विक्रेताओं द्वारा विक्रय लाइसेंस विभाग द्वारा नहीं लिया गया है।

इन मिठाइयों को खरीदने से पहले ग्राहक को बड़ी ही सावधानी से जांच परख कर लेना चाहिए, अमूमन सुना जाता है कि जितना दूध का उत्पादन नहीं होता उससे सैकड़ो गुना अधिक मिठाइयां शहर में बिक्री होती है तो फिर इतनी अधिक मात्रा में मिठाइयां किस तरह से तैयार होती होगी यह भली भांति समझा जा सकता है जानकारी के अनुसार कुछ दुकानदार तो दूध खरीद कर मावा तैयार करते हैं

और फिर मिठाइयां बनाते हैं यह मिठाइयां कुछ हद तक ठीक मानी जा सकती हैं लेकिन अधिकांश दुकानदार बाहर से मावा खरीदने हैं और उनकी मिठाइयां तैयार करते हैं क्योंकि त्योहारों में मावा की डिमांड अधिक होती है तो यहीं पर मिलावटी मावे का बाजार गर्म रहता है इनसे बनी मिठाइयां खाने से स्वास्थ्य खराब होने का खतरा रहता है इसके अलावा रंग बिरंगी मिठाइयां और अधिक खतरनाक मानी जाती हैं इनके रंगों में पाए जाने वाला केमिकल स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है मार्केट में तीन सौ रूपए से लेकर आठ सौ रुपए तक की मिठाइयां मिल रही है जहां दुकानदार ग्राहक के रुतबे को देखकर अलग- अलग दामों में बिक्री करता रहता है।

खाद्य विभाग पूरी तरह से दिखा निष्क्रिय

रीवा में खाद्य अधिकारी मिलावटी पदार्थों पर लगाम लगाने निष्क्रिय नजर आ रहे हैं त्योहारों के सीजन में भी उनकी टीम शहर भ्रमण में नहीं निकल पाई, ना ही कोई सैंपलिंग की गई, सुनने में तो यहां तक आता है कि दुकानदारों से विभाग की पूरी सेटिंग है और जिस कारण से दुकानदार मनमानी तरीके से मिलावटी वस्तुओं का विक्रय करते रहते हैं शासन द्वारा टेस्टिंग हेतु चलित प्रयोगशाला भी दी गई है लेकिन वह भी सीएमएचओ कार्यालय में धूल फांकती नजर आ रही है

ऐसे करे नकली मिठाई की पहचान

गर्म पानी वाले बर्तन में मिठाइयां रंग बदले तो यह नकली मिठाई हो सकती है, इसके अलावा मिठाई को चीनी के साथ गर्म करें अगर यह पानी छोड़ने लगे तो नकली है, इसके अलावा मिठाई को हथेली में रगड़ने पर उसमें घी की खुशबू ना आए तो भी नकली मिठाई मानी जाएगी,

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