इन्दौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने नाम वापस लिया और भाजपा की सदस्यता ले ली। इस पूरे प्रकरण के सूत्रधार रहे प्रदेश के मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता कैलाश विजयवर्गीय ने इस मामले में अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि लोग बम की ज्वॉइन की टाइमिंग पर सवाल कर रहे हैं। वह खुद हमारे पास आए थे। हम उन्हें यह कहकर नहीं लौटा सकते थे कि यह समय सही नहीं है। वहीं, इस मुद्दे पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के बयान पर भी विजयवर्गीय ने सीधे-सीधे कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि ताई हमारी बड़ी नेता हैं। ताई ने कोई कमेंट किया है तो मैं उस पर कोई कमेंट नहीं कर सकता। विजयवर्गीय ने पहली अक्षय कांति बम प्रकरण पर खुलकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इंदौर की जनता कांग्रेस के गाल पर करारा तमाचा लगाएगी। इंदौर कभी भी नकारात्मक राजनीति पसंद नहीं करता। यह एक सकारात्मक शहर है। यह मुस्कान वाले लोगों का शहर है। विजयवर्गीय ने कहा, मुझे लगता है कि तीन चरण में ही हम बहुमत के पास पहुंच चुके हैं। चौथे और पांचवें चरण में तो हम चार सौ पार जाने वाले हैं। इंदौर ही नहीं पूरे देश की जनता की इच्छा है कि हम मोदी जी को वोट दें। मतदाता जब घर से वोट डालने निकलता है तो यह सोचकर ही निकलता है
कि मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाना है।
कांग्रेस की नीति समाज को बांटने वाली
विजयवर्गीय ने कहा, तुष्टिकरण की नीति की वजह से वह (राहुल) कुछ भी कर सकते हैं। उन पर तुष्टिकरण की नीति का बहुत ज्यादा प्रभाव है। इसी वजह से कर्नाटक में मुस्लिम भाइयों को उन्होंने आरक्षण दिया। हम मुस्लिम भाइयों के आरक्षण का विरोध नहीं करते, लेकिन आप जिनका आरक्षण काट रहे हो, वह एससी, एसटी और पिछड़ा वर्ग वास्तव में आरक्षण के हकदार हैं। आप उनका हक मारकर मुस्लिम भाइयों को दे रहे हो। यह कांग्रेस की नीति और प्रवृत्ति है। यह बहुत खतरनाक है। यह समाज को
बांटने वाली नीति है। मैं समझता हूं कि इसकी जितनी निंदा की जाए, उतना कम है।




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