भोपाल । मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने भोपाल, नर्मदापुरम संभाग के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि लोकसभा चुनाव की शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था को मजबूत बनायें तथा निर्वाचन सबंधी अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई करें। जिला निर्वाचन अधिकारी इसकी लगातार मॉनिटरिंग करें।
शनिवार को कमिश्नर सभाकक्ष भोपाल में जिलों की लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि गर्मियों को देखते हुए मतदान केंद्रों पर टेंट, मेडिकल किट और पानी जैसी जरूरी व्यवस्थाएं करें। सेक्टर अधिकारियों के पास मेडिकल किट एवं दवा होनी चाहिए।
भण्डार गृहों का करें निरीक्षण
राजन ने कहा कि वेयरहाउस एवं अन्य भण्डार गृहों का निरीक्षण करें, यहां पर अवैध शराब आदि का भंडारण हो सकता है। राजन ने कहा कि पुलिस बल ऐसे तत्वों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करे जो चुनावी प्रक्रिया के दौरान अशांति पैदा करने का प्रयास कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने आपराधिक तत्वों के विरुद्ध कार्यवाही की जानकारी ली
सघन तलाशी के निर्देश
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने चेक पोस्ट पर और सख्ती बरतने तथा वाहनों की सघन तलाशी करने के निर्देश दिये। उन्होंने मतदान के 48 घंटे पूर्व की एसओपी का भी कड़ाई से पालन कराने को कहा। उन्होंने कहा कि मतदान के लिये कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ऐसी लोकेशन का स्वयं जाकर निरीक्षण करें, जहां एक से अधिक मतदान केंद्र हैं। संवेदनशली और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े उपाय करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
चुनावी वाहनों की फिटनेस टेस्ट कराएं
पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा तथा राज्य पुलिस नोडल अधिकारी अंशुमान सिंह ने कहा कि चुनाव में उपयोग किए जाने वाले वाहनों का फिटनेस टेस्ट करा लें। जिला बदर जिले में नहीं रहना चाहिए। पुलिस कार्यवाही का व्यापक प्रचार प्रसार भी करें। मतदान एवं मतगणना के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। छोटी सी छोटी घटना को भी नजरअंदाज नहीं करें। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार 17 अप्रैल को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों की समीक्षा कर सकते हैं।




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