कांग्रेस का घोषणा पत्र आने के बाद बीजेपी पर दबाव बढ़ गया है, क्योंकि कांग्रेस ने अपने घोषणा पक्ष में हर-वर्ग के लिए कुछ न कुछ देने का वादा किया है। जनता को भी सरकार से फ्री में चीजें चाहिए इसलिए मतदाता मुफ्त सुविधा देने वाली सरकार चाहती है। मध्य प्रदेश में अब देखना होगा कि बीजेपी कांग्रेस के घोषणा पत्र का किस तरह से जवाब देती है।
विकास, बरोजगारी और राष्ट्रवाद मुद्दा नहीं है
जाहिर सी बात है बीजेपी को जनता के वोट चाहिए तो उसे कांग्रेस से भी बड़े वादे करने होंगे, क्योंकि विधानसभा का चुनाव विकास और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर नहीं लड़ा जा रहा है। इस चुनाव में महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे भी जमीन पर नजर नहीं आ रहे हैं। अबकी बार के विधानसभा चुनाव में अगर कुछ नजर आ रहा है तो वह है कि कौन सी पीर्टी की सरकार जनता को कितनी ज्यादा जीचें मुफ्त में दे सकती है।
चुनाव आयोग की नसीहतों का नहीं हो रहा असर
चुनावी रेवड़ियों पर सुप्रीम कोर्ट के तेवरों और चुनाव आयोग की नसीहतों का पांच राज्यों के चुनावों में असर होता नहीं दिख रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चुनावी घोषणा करते हुए लुभावने वादों पर पार्टियों को नसीहत दी थी। लेकिन कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र से स्पष्ट है कि चुनाव आयोग की नसीहत का कोई असर नहीं हो रहा है।
भाजपा पहले जारी कर चुकी है मुफ्त योजनाएं
कांग्रेस के इस दांव को पीछे छोड़ने के लिए भाजपा की शिवराज सरकार ने लाड़ली बहना योजना की 1500 की राशि तत्काल दोगुनी कर हर महीने 3000 रुपए महिलाओं को देना शुरू कर दिया। रसोई गैस सिलेंडर 450 रुपये में देने का ऐलान करने से लेकर छात्रों-युवाओं को भत्ते, मुफ्त लैपटॉप, स्कूटर देने का भी भाजपा की ओर से शिवराज वादा कर रहे हैं।




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