लाडली बहनाओं को 450 रुपए में गैस सिलेंडर के पंजीयन करने में विभागीय कर्मचारियों को आ रहा पसीना,


विदिशा । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लाडली बहनाओं को 450 रुपए में उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर  घोषणा के बाद अब विभागीय अमल को पंजीयन कराने में पसीना आ रहा है । दो से तीन दिन तक परेशान होने के बाद भी उनके पंजीयन नहीं हो पा रहे हैं । इसका कारण तकनीकी समस्या , बताई जा रही है । सबसे ज्यादा परेशानी लाड़ली बहनों को पंजीयन कराने में आ रही है । जिले में अभी तक साढ़े 17 हजार ही पंजीयन हो सके हैं । नपा में योजना प्रभारी नेहा तंवर का कहना है कि लाड़ली बहना योजना का पोर्टल खोलने के बाद महिलाओं का डेटा दिखाई नहीं देता , तो किसी का डेटा गलत बता रहा है । जो तकनीकी समस्या है । इस समस्या से हमने वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है , लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ । सबसे बड़ी समस्या दस्तावेजों में त्रुटियां होने से आ रही है । इसके लिए संभवतः आज से फोटो से पंजीयन  करने की व्यवस्था हो सकती है । इसके बाद यह परेशानी दूर हो जाएगी । उन्होंने बताया कि अभी तक नाम से पंजीयन कर रहे थे , लेकिन अब फोटो मैच करके करेंगे तो दस्तावेजों की कमियों के कारण कम परेशानी होगी । ऐसे परेशान हो रहीं महिलाएं : सुभाषनगर की सोनम भावसार दिव्यांग हैं । उनके पास उज्जवला योजना का कनेक्शन है । उनके अभिभावक दो दिन से परेशान है , लेकिन पंजीयन नहीं हो पा रहा है । उन्होंने बताया कि ज़ब कर्मचारी पंजीयन करने पोर्टल खोलता है तो उसमें जो मोबाइल नंबर लिखा हुआ है वह उनकी समग्र आईडी से मेल नहीं खा रहा । वह एमपी आनलाइन गए , वहां 10 रुपये खर्च करके समग्र का प्रिंट निकलवाकर लाए तो उसमें सही मोबाइल नंबर दर्ज है । जब कर्मचारी को दिखाया तो उनका कहना था कि नपा से लिखवाकर लाओ । इसी प्रकार कमलेश विश्वकर्मा ने बताया कि उनकी गैस कनेक्शन की किताब में कमलेश नाम लिखा है , जबकि पोर्टल पर कमलेश के आगे डाट बना हुआ है । कर्मचारी का कहना है कि यह डाट हटवाकर लाओ तब पंजीयन होगा ।


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