EYE फ्लू से राहत के बाद अब थ्रोट इंफेक्शन

शहर अब गले में संक्रमण बीमारी की चपेट , छोटे बच्चे दूध और पानी तो बड़े भोजन ही नहीं गटक पा रहे हैं

भोपाल , राजधानी में इस हफ्ते से गले मे संक्रमण यानी थ्रोट इंफेक्शन बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है । इस वजह से छोटे बच्चों को जहां दूध और पानी पीने में दर्द हो रहा है तो बड़ों को भोजन गटकने में परेशानी हो रही है । डॉक्टर और मेडिकल स्टोर वालों का कहना है कि लोगों को अब सर्दी , खांसी , उल्टी - दस्त , आई फ्लू , यानी कंजक्टिवाइटिस , वायरल फीवर जैसी मौसमी बीमारियों से थोड़ी राहत मिली तो अब हर उम्र के लोग थ्रोट इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं । हमीदिया से लेकर सभी सरकारी अस्पतालों के अलावा नाक - कान गला सम्बन्धित डाक्टरो के यहां गले में दर्द और खराश , खाने - पीने में तकलीफ , टॉन्सिल में सूजन आवाज भारी और मोटी , गला सूखना , जवान और मुंह में दाने , ठंड के साथ बुखार आना , सिर में दर्द जैसे लक्षणों से सम्बंधित मरीजों की संख्या हर दिन लगातार बढ़ती जा रही है । 

इलाज के साथ घर पर यह उपाय करें इससे बचने के लिए पीने के लिए गरम पानी का इस्तेमाल करने के अलावा 24 घण्टे में कम से कम 4 बार कुनकुने पानी में नमक डालकर गरारे करें । सोने के पहले टूथब्रश जरूर करें , मगर ध्यान रखें , ब्रश एक या 2 मिनट ही करें ।

नाक , कान गला सम्बन्धित बीमारी के विशेषज्ञों का कहना है कि यह भी बारिश के मौसम में वायरल इंफेक्शन ही है , जो वैक्टीरिया इंफेक्शन में तब्दील हो गया है । इसकी वजह से गले में सूजन दर्द , जलन और खराश होना , ठंड लगना और बुखार आना आदि समस्याएं शामिल हैं । वैक्टीरियल संक्रमण के कारण स्ट्रेप थ्रोट की समस्या पैदा होती है , जिसके कारण गले और टॉन्सिल में संक्रमण हो सकता है । इसकी वजह से बुखार भी आता है । यह लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सम्पर्क करे । गले मे संक्रमण के लक्षण थूक बार - बार आ रहा हो , लार टपक रही है या निगलने और सांस लेने में तकलीफ हो , बच्चे को गले में खराश हो , जिसमें तरल पदार्थ पीने के बाद भी सुधार न हो बड़ों के गले में खराश बनी रहे और एक सप्ताह या ज़्यादा समय तक बनी रहे , इसके अलावा बुखार , लाल चक्ते या जोड़ों में दर्द हो , बलगम या लार में खून आए तो समझ जाना चाहिए कि आप गले के संक्रमण यानी थ्रोट इंफेक्शन की चपेट में आ चुके हैं ।



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