इस मामले में कलेक्टर संजय कुमार सख्त नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि बीते 4 वर्ष से श्योपुर जिले में पदस्थ तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को निर्वाचन आयोग के नियमानुसार जिले से अन्यत्र स्थान पर स्थानातंरण की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए एवं एक ही जिले में 3 साल से अधिक समय कार्य करने बाले अधिकारियों से चुनावी कार्य नहीं में नहीं लगाया जासकता है इसलिए उन्हें तहसीलदार नहीं बनाया गया । ऐसे में एक सीनियर अधिकारी होने के बाद इस प्रकार आचरण एवं व्यवहार उचित नहीं है।
तहसीलदार का विवादों से रहा है नाता
तहसीलदार अमिता सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। फिर चाहे वह कराहल में फर्जी पट्टों का मामला हो या फिर बड़ौदा में बाढ़ राहत राशि में घालमेल के आरोप। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर विवादित कमेंट करने को लेकर भी सुर्खियों में रहतीं हैं।
श्योपुर कलेक्टर संजय कुमार ने कहा -
मुझे अभी तक तहसीलदार का कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी के अनुसार उनका कार्य अनुशासन हीनता की श्रेणी में आता है और वह उनके पत्रों से स्वतः ही प्रमाणित भी हो रहा है इसलिए कार्यवाही के लिए संभागायुक्त को पत्र लिख रहा हूँ।




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