12 हजार से ज्यादा फर्जी कंपनियां GST में हैं रजिस्टर्ड , नकेल कसने की तैयारी


नई दिल्ली । धोखेबाज कंपनियों पर नकेल कसने के लिए सीबीआईसी नए तरीके आजमाने की योजना बना रहा है । 12,000 से ज्यादा फर्जी कंपनियां जीएसटी में पंजीकृत हैं । केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ( सीबीआईसी ) के चेयरमैन विवेक जौहरी ने कहा कि जीएसटी के तहत जोखिम भरी संस्थाओं बॉयोमीट्रिक के प्रमाणीकरण पर काम हो रहा है । यह उन धोखेबाजों पर नकेल कसने की तैयारी है , जो जीएसटी पंजीकरण प्राप्त करने के लिए अन्य लोगों के पैन और आधार का दुरुपयोग कर रहे हैं । विवेक जौहरी ने कहा , कर अधिकारी इनपुट टैक्स क्रेडिट ( आईटीसी ) का दावा के दायरे को सीमित करने के लिए जीएसटी रिटर्न फाइलिंग प्रणाली में कुछ और सख्ती पर भी चर्चा कर रहे हैं । ऐसा देखा जा रहा है कि आपूर्ति श्रृंखला में बहुत सारे आपूर्तिकताओं ने करों का भुगतान नहीं किया है । उनके मुताबिक , यदि कर अधिकारियों को संदेह है

कि कंपनियां केवल आईटीसी का फर्जी दावा करने के लिए बनीं हैं हैं तो ऐसी कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधियों , निदेशकों या भागीदारों का बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण होगा । इसका उपयोग नए पंजीकरण आवेदनों और जीएसटी के तहत पंजीकृत मौजूदा व्यवसायों के लिए किया जाएगा । सभी संस्थाओं की जियो टैगिंग की योजना भी बनाई जा रही है । इससे यह प्रमाणित होगा कि जीएसटी पंजीकरण में दी गई जानकारी सही है या नहीं ।

बायोमीट्रिक व जियो टैगिंग पूरे देश में लागू की जाएगी अभी तक बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण और जियो टैगिंग कुछ कुछ राज्यों में चल रहा है । जल्द ही इसे पूरे देश में लॉन्च किया जाएगा । जौहरी ने कहा , हम सिस्टम को और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं । हम पहले से ओटीपी - आधारित प्रमाणीकरण का उपयोग कर रहे हैं । अब बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण होगा । संदिग्ध मामलों में व्यक्तियों को बायोमीट्रिक सत्यापन के लिए आधार केंद्र पर जाने के लिए कहा जाएगा । दिल्ली , हरियाणा और राजस्थान में ज्यादा फर्जी कंपनियां दिल्ली , हरियाणा और राजस्थान जैसे कुछ स्थान हैं । जहां ज्यादा फर्जी कंपनियां हैं । इसी के साथ गुजरात , नोएडा , कोलकाता , असम , तेलंगाना , तमिलनाडु और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी जीएसटी पंजीकरण वाले नकली कारोबार चल रहे हैं । ज्यादा कारोबार मेटल या प्लास्टिक स्क्रैप और रद्दी कागज में हैं , जहां फर्जीवाड़ा हो रहा है ।


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