कि कंपनियां केवल आईटीसी का फर्जी दावा करने के लिए बनीं हैं हैं तो ऐसी कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधियों , निदेशकों या भागीदारों का बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण होगा । इसका उपयोग नए पंजीकरण आवेदनों और जीएसटी के तहत पंजीकृत मौजूदा व्यवसायों के लिए किया जाएगा । सभी संस्थाओं की जियो टैगिंग की योजना भी बनाई जा रही है । इससे यह प्रमाणित होगा कि जीएसटी पंजीकरण में दी गई जानकारी सही है या नहीं ।
बायोमीट्रिक व जियो टैगिंग पूरे देश में लागू की जाएगी अभी तक बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण और जियो टैगिंग कुछ कुछ राज्यों में चल रहा है । जल्द ही इसे पूरे देश में लॉन्च किया जाएगा । जौहरी ने कहा , हम सिस्टम को और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं । हम पहले से ओटीपी - आधारित प्रमाणीकरण का उपयोग कर रहे हैं । अब बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण होगा । संदिग्ध मामलों में व्यक्तियों को बायोमीट्रिक सत्यापन के लिए आधार केंद्र पर जाने के लिए कहा जाएगा । दिल्ली , हरियाणा और राजस्थान में ज्यादा फर्जी कंपनियां दिल्ली , हरियाणा और राजस्थान जैसे कुछ स्थान हैं । जहां ज्यादा फर्जी कंपनियां हैं । इसी के साथ गुजरात , नोएडा , कोलकाता , असम , तेलंगाना , तमिलनाडु और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी जीएसटी पंजीकरण वाले नकली कारोबार चल रहे हैं । ज्यादा कारोबार मेटल या प्लास्टिक स्क्रैप और रद्दी कागज में हैं , जहां फर्जीवाड़ा हो रहा है ।




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