कूनो नेशनल पार्क से गांव में घुसा चीता 15 घंटे की मशक्कत के बाद नेशनल पार्क में छोड़ा,

श्योपुर  भारत देश में 70 साल के बाद आए चीते मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में आंख में चोली का खेल खेल रहे हैं। अब दक्षिण अफ्रीका के कूनो नेशनल पार्क की हद लांघकर भी शुरू कर दिया है  आसपास के गांवों में भी पहुंचने लगे हैं। यही वजह है कि अब चीतों की दस्तक को लेकर ग्रामीणों में हड़कंप मचने लगा है। 2 अप्रैल, रविवार को भी कूनो नेशनल पार्क से ओबान नामक चीता बाहर निकलकर एक गांव के करीब पहुंच गया था। इससे ग्रामीण दहशत में आ गए थे। उन्होंने डंडे हाथ में लिए और खेतों में ही उसे रोके रखा। उसका पीछा कर रहा वन कर्मियों का दस्ता भी वहां आ गया और ह्यूमन शील्ड और वाहनों के जरिए चीते को पार्क की ओर खदेड़ा। करीब 14-15 घंटे तक ओबान पार्क से बाहर रहा और शाम छह बजे के करीब लौट गया।  
11 मार्च को खुले जंगल में छोड़ा गया था प्रोजेक्ट चीता से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि ओबान को आशा नामक मादा चीते के साथ 11 मार्च को खुले जंगल में छोड़ा गया था । तब से ही वह लगातार अपनी सीमा तय करने के लिए भटक रहा है । वह इससे पहले भी कूनो पार्क की सीमा तक पहुंचा है ।
 
गोली पुरा और झाड़ बड़ौदा के खेतों में पहुंचा चीता

 शनिवार रात को श्योपुर जिले की विजयपुर तहसील के गोली पुरा और झाड़ बड़ौदा गांव के पास के इलाके में स्थित खेत में पहुंच गया । सुबह खेत जा रहे ग्रामीणों ने चीता देखा तो ठिठक गए । दहशत की वजह से उन्होंने लाठी - डंडे हाथ में लिए और वन विभाग को सूचना दी । चीते का वीडियो हुआ था वायरल एक वीडियो वायरल हो गया , जिसे स्थानीय ग्रामीणों ने रिकॉर्ड किया था । इसमें चीता एक खेत में बैठा था । वीडियो में लोगों को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि ' गो ओबान गो ... प्लीज ओबान गो ' । ग्रामीणों के साथ ही प्रोजेक्ट चीता टीम ने ओबान को कूनो को पार्क की ओर धकेलने के लिए ह्यूमन वॉल बनाई और वाहनों का इस्तेमाल कर कॉरिडोर बनाया ।

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