विभाग व बैंकर्स संयुक्त समन्वय कर हितग्राहियों को स्व-रोजगारमुखी बनाएं
कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने बुधवार को डीएलसीसी की बैठक में कहा कि हितग्राहीमूलक योजनाओं को क्रियान्वित करने वाले विभागों के अधिकारी एवं बैंकर्स संयुक्त रूप से समन्वय स्थापित कर पात्रताधारी हितग्राहियों को इसी वित्तीय वर्ष में स्वरोजगामुखी बनाने की समुचित कार्यवाही पूर्ण करें।
कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि विदिशा जिले में एक भी स्व-सहायता समूह एनपीए ना हो का रिकार्ड दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामान्यतः हितग्राहियों द्वारा जो योजनाओं के तहत ऋण प्राप्त किया जा रहा है उसकी राशि बैंको को जमा की जा रही है। अभी तक जिले में एक भी समूह अथवा योजना के हितग्राही बैंक के पैरामीटरों पर डिफाल्टर घोषित नहीं हुए है। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में क्रियान्वित प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेण्डर योजना के प्रथम चरण में दस हजार रूपए जमा करने के उपरांत बीस हजार रूपए का लोन उन्हें प्रदाय किया गया है अतः अब तृतीय स्तर की किश्त पचास हजार रूपए अनिवार्यतः ऐसे सभी हितग्राहियों को बैंक देना सुनिश्चित करें जिनका सिविल रिकार्ड बेहतर है उन हितग्राहियों को बैंकर्स हाथो हाथ लेकर स्वरोजगारमुखी के कदमों के सहभागी बनें।
कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि जिन प्रकरणों में बैंकर्स द्वारा स्वीकृति प्रदाय की गई है उन सभी प्रकरणों में वित्तीय पोषण की कार्यवाही में किसी भी प्रकार की विलम्बता ना हो का समुचित ध्यान रखते हुए यथाशीघ्र सम्पादन की कार्यवाही हो।
कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि जिन बैंको द्वारा शासकीय योजनाओ के वित्त पोषण में रूचि प्रदर्शित नही की जा रही है उन बैंको के खिलाफ कार्यवाहियों के प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश लीड़ बैंक आफीसर को दिए है। हितग्राहियों के ऐसे प्रकरण जिनमें बैंकर्स को कागजी कार्यवाही पूर्ण करानी है उन प्र्रकरणों में दो दिवस के भीतर सम्पूर्ण प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाए ताकि फरवरी माह के अंत तक वित्त पोषण के कार्य प्रारंभ हो जाएं।
कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि केवाईसी से संबंधित जानकारियां दर्ज कराने हेतु बैंकर्सो द्वारा एक पृष्ठीय आवेदन तैयार किया जाए जिसे समूह अथवा महिला बाल विकास विभाग को उपलब्ध कराया जाए ताकि उनके द्वारा प्रिन्टेड फार्म में जानकारियां भरकर हितग्राहियों की केवायसी संबंधी जानकारियां सुगमता से बैंक में दर्ज हो सकें।
कलेक्टर श्री भार्गव ने लटेरी तहसील में आनंदपुर क्षेत्र में संचालित सेन्ट्रल बैंक के द्वारा हितग्राहीमूलक येजनाओं में वित्त पोषण की रूचि प्रदर्शित नहीं करने के अनेक साक्ष्य प्राप्त होने पर संबंधित बैंक मैनेजर के खिलाफ कार्यवाहीयुक्त प्रस्ताव बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित करने साथ ही बैंक शाखा को बंद करने का बैठक में लिए गए सामूहिक निर्णययुक्त प्रस्ताव एसएलव्हीसी को भेजने के निर्देश दिए है।
कलेक्टर श्री भार्गव ने बैंक आफ इंडिया के द्वारा हितग्राहीमूलक योजनाओं के वित्त पोषण में की गई पहल नवाचार और शतप्रतिशत हितग्राहियों के वित्त पोषण की कार्यवाही पूर्ण कराने पर बीओआई बैक के प्रति तालियां बजाकर हौंसला अफजाई करते हुए साधुवाद व्यक्त किया है।
कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि जिन बैंकों द्वारा शासकीय योजनाओं में हितग्राहियों को वित्त पोषण की कार्यवाही में रूचि ली जाएगी उन्हीं बैंकों में शासकीय राशि को जमा कराने की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा जिले को प्राप्त होने वाले पांच करोड़ की राशि भी उन्हीं बैंकों में जमा कराने की कार्यवाही हेतु जिला पंचायत सीईओ को ताकीद किया गया है।
नवीन कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में सम्पन्न हुई डीएलसीसी की बैठक में जिन बिन्दुओं पर चर्चा कर निर्णय लिए गए उनमें स्व-सहायता समूहों को दिए जाने वाले क्रेडिट लीकेंज (सीसीएल) की प्रगति एवं एसआरएलएम के कार्यो की समीक्षा, सीएम स्वनिधि योजनांतर्गत संपादित किए गए कार्य, मुख्यमंत्री उद्यमी क्रांति योजना की प्रगति, संत रविदास स्वरोजगार योजना एवं डॉ भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना के अलावा बिरसा मुण्डा रोजगार योजना एवं डॉ टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के कार्यो की समीक्षा की गई।
बैठक में जिला शहरी विकास अभिकरण के माध्यम से क्रियान्वित स्वरोजगार योजना, पीएम स्वनिधि योजना तथा उद्योग एवं उद्यानिकी विभाग के माध्यम से क्रियान्वित पीएमईडीपी योजना, मत्स्य पालन ऋण एवं डेयरी केसीसी, सीएम हेल्पलाइन सहित अन्य बिन्दुओें पर समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ योगेश भरसट, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती अमृता गर्ग, लीड़ बैंक आफीसर श्री चन्द्रशेखर समेत विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी तथा विभिन्न बैंको के शाखा प्रबंधक मौजूद रहें।
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