किराएदारों के लिए बनेगा डिजिटल प्लेटफार्म किराएदार के लिए बनेगी अदालत , अपर कलेक्टर होंगे किराया प्राधिकारी

म.प्र किराया अधिनियम 2021 जल्द होगा लागू , किराएदारों के लिए बनेगा डिजिटल प्लेटफार्म किराएदार के लिए बनेगी अदालत , अपर कलेक्टर होंगे किराया प्राधिकारी


+ व्यवस्था : मप्र किराया अधिनियम 2021 जल्द होगी लागू , किराएदारों के लिए बनेगा डिजिटल प्लेटफार्म किराएदार के लिए बनेगी अदालत , अपर कलेक्टर होंगे किराया प्राधिकारी


भोपाल मकान मालिक व किराएदार के बढ़ते विवादों के बीच जल्द ही भोपाल समेत प्रदेशभर में किराएदार कोर्ट लगना शुरू होगी । इतना ही नहीं , जिला स्तर पर किराया प्राधिकरण का गठन होगा , जिसमें अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी प्राधिकारी रहेंगे । किराएदारी कोर्ट में जिला जज स्तर के न्यायाधीश को किराया अधिकरण नियुक्त किया जाएगा । इसका लाभ ये होगा कि किराएदार - भू स्वाम के बीच विवाद जल्द निपटेंगे । किराएदार जबरिया कब्जा नहीं कर पाएगा और भू स्वामी किराएदार से बेवजह लाभ नहीं कमा पाएगा । अधिनियम में सबके लिए स्पष्ट प्रावधान तय है और इनके ही आधार पर मामले निपटाए जाएंगे । इस समय भोपाल शहर में ही निगम से लेकर जिला प्रशासन तक 15 हजार से अधिक मामले हैं । पुराने भोपाल में पुराने जर्जर मकानों को खाली कराने भू स्वामी किराएदारों के बीच लंबे समय से मामले चल रहे । इसमें अब राहत मिलने की उम्मीद है । भोपाल में करीब डेढ़ लाख परिसर किराए पर हैं । कुल संपत्तियों की संख्या पांच लाख से अधिक है ।


ऐसे होगी मामले निपटाने की व्यवस्था 


कलेक्टर तय करेगा किराया प्राधिकारी किराया न्यायालय की स्थापना होगी शासन जिला न्यायाधीश को किराया अधिकरण नियुक्त करेगा किराएदार या भूमि स्वामी आवेदन देकर मामला दर्ज करा सकेंगे दो माह में मामला निपटाना होगा डिजिटल प्लेटफार्म पर होंगे किराएनामे मकान मालिक किराएदार के बीच किराया अनुबंध को लेकर किराया प्राधिकारी एक डिजिटल प्लेटफार्म बनाएगा , जिसपर भू स्वामी - किराएदार के बीच हुए अनुबंधों को अपलोड कराया जाएगा । -



ये हैं अधिनियम में प्रावधान


 किराएदार से आवासीय में दो माह , जबकि व्यवसायिक में छह माह का अग्रिम लिया जा सकेगा 

। • भूस्वामी किराए की रसीद से इंकार करता है तो किराया डाक , मनीऑर्डर से भेजा जा सकता है 

किराया परिसर की मरम्मत से मकान मालिक इंकार करता है तो किराएदार खुद करवाकर खर्च किराए से काट सकता है । ये मासिक किराए का 50 फीसदी तक होगा ।


 किसी कारण परिसर में किराएदार नहीं रहता है तो उस अवधि का किराया वसूली नहीं होगी 


परिसर का निरीक्षण करने के लिए भूमि स्वामी को 24 घंटे पहले इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जानकारी देना होगी । सूर्यास्त के बाद परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा ।


 किराएदार की अत्यावश्यक सुविधाएं नहीं रोकी जा सकेगी 


किराएदार नोटिस के बावजूद परिसर खाली नहीं करता तो भू स्वामी पहले दो माह में दोगुना और इसके बाद चार गुना तक किराया वसूली का अधिकारी होगा ।

 किराएदार कब्जा छोड़ने की सूचना एक माह पहले देगा । 


इनका कहना है किराएदारी अधिनियम 2021 तैयार है । जल्द ही अंतिम नोटिफिकेशन किया जाएगा । • आरके कार्तिकेय , उप सचिव मप्र शासन



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