बच्चों में खसरे की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग कराएगा सर्वे
Bhopal राजधानी के अलग - अलग इलाकों में करीब एक दर्जन बच्चों में खसरा ( मीजल्स ) की पुष्टि के बाद अब स्वास्थ्य विभाग उन इलाकों में सघन सर्वे कराएगा , जहां मरीज मिले हैं । विभाग ने जागरूकता अभियान भी शुरू कर दिया है । हाल ही में भोपाल में खसरे के 11 नए मामले सामने आए हैं । संक्रमित बच्चों की उम्र छह माह से लेकर नौ वर्ष के बीच है । इनमें से 10 बच्चों को कभी खसरे का टीका लगा ही नहीं , जबकि एक बच्चे को उसके माता - पिता ने दो के बजाय सिर्फ एक ही टीका लगवाया था । ये बच्चे राजधानी के चार क्षेत्रों में मिले हैं । राहत की बात यह है कि इन सभी बच्चों की हालत नियंत्रित है । उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है ।खसरे के दो टीके जरूरी ,
पहला टीका नौ माह की उम्र में डॉ . अहिरवार ने बताया कि खसरे के दो टीके लगते हैं । ये टीके नौ माह और 16 माह की उम्र में लगाए जाते हैं । खसरे के लक्षणों में शरीर में बगैर पानी के लाल दाने आना और आंखों का लाल होना शामिल है । संक्रमित बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाती है । यह बीमारी गंभीर है , सजगता जरूरी है । लापरवाही से बच्चे की जान भी जा सकती है । देशभर में खसरा उन्मूलन कार्यक्रम चल रहा है । इसी के तहत जिन बच्चों के इस बीमारी की चपेट में आने की आशंका होती है , उनकी जांच की जाती है ।
इन क्षेत्रों में मिले पीड़ित बच्चे जिला टीकाकरण नोडल अधिकारी डॉ . कमलेश अहिरवार के अनुसार अब्बास नगर में तीन , शबरी नगर से तीन , भीत नगर में चार और पंचशील नगर से एक मरीज मिला है । इसी तरह मरीजों के संपर्क में आने वाले बच्चे दामखेड़ा , राहुल नगर और अब्बास नगर के हैं । इन सभी मरीजों की स्थिति ठीक है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है । स्वास्थ्य विभाग ने इन क्षेत्रों में सर्वे शुरू कर दिया है । लोगों से अपील की गई है कि वे बच्चों का टीकाकरण जरूर करवाएं ।
संक्रमितों में 6 महीने का बच्चा भी , स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया जागरूकता अभियान
खास बातें
■ राजधानी के अलग - अलग इलाकों में करीब एक दर्जन बच्चों में खसरा की पुष्टि
■ 11 नए मामले सामने आए . 10 बच्चों को नहीं लगा था टीका
खसरे के लक्षण ...
■ खांसी
■ बुखार
■ बहती नाक
■ आंखों में लालपन
■ गले में दर्द
■ मुंह में सफेद फफोले




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