विद्युत उपभोक्ता समस्याओं को लेकर लगा रहे विभाग के चक्कर कहीं नहीं हो रही सुनवाई
विदिशा । मुख्यमंत्री के गृह नगर में ही विद्युत मंडल के अधिकारी इतने निरंकुश हो चले हैं कि उपभोक्ता अपनी समस्याओं को लेकर विभाग के अधिकारियों के चक्कर काटते काटते थक जाते हैं और अंत में उपभोक्ताओं को सीएम हेल्पलाइन , जनसुनवाई सहित उपभोक्ता फार्म का सहारा लेना पड़ता हैं । विद्युत विभाग की हालत यह है कि एक तो अधिकारी सीट पर नहीं मिलते और यदि मिल भी जाए तो विभाग में जनता की सुनने वाला कोई नहीं है । नियमों की जानकारी सिर्फ अधिकारियों के पास विद्युत विभाग द्वारा बन रहे नए - नए नियम और उसकी जानकारी सिर्फ अधिकारियों तक ही सीमित रहती है अधिकारी उसे उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने से परहेज रखते हैं और उपभोक्ता को उलझा कर लाखों का जुर्माना वसूल कर विभाग की शावाशी प्राप्त कर अपने अंक बढ़ाने में लगे रहते हैं । हाल ही में सांची रोड स्थित एक होटल संचालक पर यह कहते हुए जुर्माना ठोक दिया गया कि आपने निर्माण कार्य के लिए अस्थाई मीटर नहीं लिया है जबकि उपभोक्ता अपने कमर्शियल मीटर से वेल्डिंग आदि का लीगल काम करा रहे थे । टीला खेड़ी कॉलोनी निवासी एक विद्युत उपभोक्ता ने करीब 6 माह पूर्व विद्युत मंडल जॉन टू सर्किल में आवेदन देकर अपने घर में दूसरा मीटर लगाने का आग्रह विद्युत मंडल से किया था । उपभोक्ता इन 6 माह में अनेक बार विद्युत मंडल के चक्कर लगाता रहा और अंत में नाम के एक अधिकारी द्वारा दूसरा मीटर लगाने से साफ इनकार कर दिया गया । जबकि उपभोक्ता द्वारा नियम के तहत दूसरी रजिस्ट्री , हाउस टैक्स की रसीद सहित समस्त आवश्यक दस्तावेज भी विद्युत मंडल को प्रस्तुत किए थे । विद्युत मंडल के नए नए नियम कायदों से जनता त्रस्त है विभाग में आलम यह है कि मुख्यमंत्री के गृह नगर में यह हालात हैं तो इससे विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली का अंदाजा लगाया जा सकता है , मुख्यमंत्री के गृह नगर में ही उनकी साख को विद्युत मंडल के यह अधिकारी बट्टा लगा रहे हैं । इनका कहना है इस संबंध में विद्युत मंडल के कार्यपालन यंत्री अंकुर मिश्रा का कहना है कि नियम तो पुराने ही हैं अलग रजिस्ट्री के अलावा राजस्व रिपोर्ट के आधार पर नया मीटर दिया जा सकता है ।
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