राम कथा के दौरान ऐसा क्या बोल गए कुमार विश्वाश कि अब BJP नेताओं ने दी चेतावनी



Kumar Vishwas News: 

उज्जैन में कुमार विश्वास की संघ पर की गई टिप्पणी विवाद के बीच उनकी रामकथा निरस्त होने का पत्र वायरल हो रहा है। हालांकि आयोजकों ने झूठा करार दिया है। इसकी सूचना देने के लिए आयोजकों ने भी एक पत्र जारी किया है। 

मध्य प्रदेश के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित कराई जा रही रामकथा में कवि कुमार विश्वास ने संघ को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद से वह बीजेपी और आरएसएस के निशाने पर आ गए. बीजेपी के नेताओं ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि अगर कुमार विश्वास ने माफी नहीं मांगी, तो उनकी रामकथा किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे. 


सोशल मीडिया पर हुआ था निरस्ती का पत्र वायरल
कुमार विश्वास ने अपनी कथा के दौरान मंगलवार को संघ पर निशाना साधा था, जिसे लेकर उनका कई जगह विरोध भी हो रहा है। कार्यक्रम निरस्त करने की मांग की गई थी। इसी बीच एक पत्र तेजी से वायरल हुआ, जिसे कुमार विश्वास को संबोधित कर लिखा गया था। इसमें लिखा था आपसे विक्रमोत्सव 2023 में राम कथा (अपने-अपने राम, शंकर के राम एवं राम के शंकर) के लिए अनुरोध किया गया था, लेकिन एक भक्तिमय राम कथा में आपके द्वारा 21 फरवरी 2023 को आयोजित कार्यक्रम में अवांछित, अमर्यादित और दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणियां की गईं। जिसको लेकर समाज में अत्यंत रोष है। अत: शेष रामकथा (22-23 फरवरी) को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।




कुमार विश्वास ने यह दिया बयान


कुमार विश्वास ने कहा कि संघ के लिए काम करने वाले एक युवक ने बजट के पहले मुझसे पूछा कि बजट कैसा होना चाहिए? तो कुमार विश्वास इस सवाल पर संघ के कार्यकर्ता को कहा, 'जहां वामपंथी कुपढ़ है अर्थात पढ़े लिखें तो है लेकिन उन्होंने सही शिक्षा नहीं ग्रहण की है, वहीं दूसरी तरफ आरएसएस यानी संघ अनपढ़ है.' उन्होंने इस पूरे परिप्रेक्ष्य में रामायण का भी उदाहरण दिया गया. यह भी कहा कि भगवान राम के समय कौन सा बजट पेश किया जाता था? दरअसल, कुमार विश्वास ने रामराज्य को लेकर संघ के स्वयंसेवक पर निशाना साध दिया.


 इस बयान को लेकर बीजेपी और संघ के नेताओं ने कुमार विश्वास पर हमला बोला है. बीजेपी के नेता और उज्जैन नगर निगम के पूर्व सभापति सोनू गहलोत ने कहा है कि अगर कुमार विश्वास मंच से माफी नहीं मांगेंगे, तो उज्जैन में उनका कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा.  कुमार विश्वास राम कथा के पहले दिन ही विवादों में घिर गए. अभी 2 दिन और कथा का आयोजन होना है. ऐसे में आरएसएस बीजेपी के नेता लगातार कुमार विश्वास पर निशाना साध रहे हैं. 


इस बीच आयोजक श्रीराम तिवारी का एक पत्र वायरल हो गया है जिसमें कार्यक्रम रद करने की बात कही गई है।हालांकि महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के डायरेक्टर श्रीराम तिवारी के अनुसार इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा पत्र फर्जी है। कार्यक्रम जारी रहेगा।



कुमार विश्वास ने मांगी माफी, कहा- विघ्न संतोषियों ने बात फैलाई

विरोध बढ़ा तो विश्वास ने एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि बहुत खराब स्वास्थ्य और बुखार के बावजूद, मैं बाबा महाकाल की कृपा से मैं दो घंटे से अधिक समय तक रामकथा और उसकी प्रासंगिकता पर बोल सका। कथा प्रसंग में मेरे कार्यालय में काम करने वाले एक बालक पर मैंने टिप्पणी की। संयोग से वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में काम करता है। पढ़ता-लिखता कम है, बोलता ज्यादा है। मैंने उससे कहा कि तुम पढ़ा-लिखा करो। वामपंथी कुपढ़ है और तुम अनपढ़ हो। बस इतनी-सी बात थी। कुछ विघ्न संतोषियों ने इसे फैला दिया। कुछ मित्रों ने कहा कि हम इस कथा को भंग करेंगे। आप यह याद रखियेगा कि राम की कथा को कौन भंग करते हैं? मैं उज्जैन के सभी मित्रों से आग्रह करता हूं कि वह सभी वहां पहुंचे और मैं जो बोल रहा हूं, उसका अर्थ उस तरह से लगाएं, जो मैं बोल रहा हूं। यदि आप इसे नए अर्थ के लिए समझेंगे तो मैं उसके लिए जिम्मेदार नहीं हूं। तदुपरांत आपकी सामान्य बुद्धि में यह प्रसंग किसी और तरीके से चला गया हो तो उसके लिए मुझे माफ करें। मुझे क्षमा करें। प्रार्थना करूंगा कि जिन्होंने यह विघ्न संतोष पैदा किया है, ईश्वर उनकी भी बुद्धि मलिनता से दूर करें। 

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