तनाव के कारण रोज पहुंच रहे एक दर्जन से अधिक तनाव एवं नींद पूरी नहीं होने वाले बच्चे हमीदिया - JP बेड वेटिंग की समस्या बढ़ी , 12 वर्ष के भी शिकार
भोपाल । Children And Mental Health
कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई और पूरे समय घर पर रहने का साइड इफैक्ट अब बच्चों में बेड वेटिंग ( बिस्तर में यूरीन करना ) की समस्या बढ़ने के रूप में सामने आ रहा है । पहले 6-7 वर्ष तक के बच्चों में यह बीमारी मिलती थी लेकिन अब 12 वर्ष तक के बच्चों के केस भी सामने आ रहे हैं । शिशु रोग विशेषज्ञ इसे एडीएचडी ( अंटेशन डेफिसिट हाइपर एक्टिविटी डिसआर्डर ) से भी जोड़कर देख रहे हैं । हमीदिया और जेपी अस्पताल में बच्चों द्वारा बेड वेटिंग की समस्या लेकर आए दिन अभिभावक पहुंच रहे हैं ।
कोरोना काल में बदली आदत शिशु रोग विभाग के चिकित्सक बताते हैं कि कोरोना से पहले तक महीने में बेड वेटिंग के इक्का - दुक्का केस आते थे लेकिन अब औसत रोज ही एक मरीज सामने आ रहा है । इसके अलावा पहले अधिकतम 7-8 वर्ष तक के बच्चों में यह समस्या देखी जाती थी लेकिन अब 11-12 वर्ष तक के बच्चे भी इससे ग्रसित हो रहे हैं । कोरोना काल में बच्चों की आदत में बढ़ा बदलाव देखा गया है । दो वर्ष से मोबाइल पर निर्भरता बढ़ने और दिनचर्या में फर्क आया है ।




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