हमीदिया अस्पताल में मिर्गी और दिमागी गंभीर बीमारियों के लिए जल्द होगी और भी सुविधा जल्द लगेगी वीडियो EEG लैब
भोपाल प्रदेश और राजधानी का जाना माना अस्पताल भोपाल आने वाले समय में हमीदिया अस्पताल मिर्गी सहिम दिमाग से जुड़ी अन्य गंभीर बिमारियों को विशेष ट्रांसमीटर के माध्यम पढ़ा - समझा जा सकेगा । इसके लिए अस्पताल वीडियो ईईजी लैब तैयारी की जाएगी । इसे सामान्य भाषा में ब्रेन मैपिंग लैब भी कहा जाता है । गांधी मेडिकल कॉलेज न्यूरो मेडिसिन विभाग के शुरू होने के बाद इस लैब को शुरू किया जाएगा । बता दें कि अस्पताल में मिर्गी समेत दिमाग के रोजाना 30 से 35 मरीज आते हैं । दिमाग की विद्युतीय तरंगों और इस अंग से जुड़ी बीमारियों को जानने के करते हैं इलेक्ट्रो एन्सेफेलोग्राम ( ईईजी टैस्ट दिमाग की विद्युतीय तरंगों और इस अंग से जुड़ी बीमारियों को जानने के लिए करते हैं । ये तरंगे चार तरह ( अल्फा , बीटा , डेल्टा और थीटा ) की अलग - अलग फ्रीक्वेंसी की होती हैं । इन फ्रीक्वेंसी पर मरीज की अवस्था को देखते हुए निश्चित माइक्रोबोल्ट वॉल्टेज का करंट दिया जाता है जिससे उसे किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता ।
ऐसे होता है टैस्ट टेक्नीशियन सिर के अलग - अलग हिस्सों पर इलेक्ट्रोड्स को चॉक , मिट्टी या अन्य से तैयार पेस्ट से चिपकाते हैं । ये इलेक्ट्रोड्स एक हैड बॉक्स ( एम्प्लीफायर ) से जुड़े होते हैं जहां दिमाग की हर हरकत रिकॉर्ड होती है । इसमें एक सॉफ्टवेयर की मदद से दिमाग की जानकारी मिलती है । इस हैड बॉक्स को कम्प्यूटर से कनेक्ट कर देते हैं । जिस पर तरंगों को देख सकते हैं । मरीज को पहले आंखें बंद कर शरीर को ढीला छोड़ने फिर आंखें खोलने व बाद में लंबी सांस लेने के लिए कहा जाता है । इस दौरान कम्प्यूटर स्क्रीन पर तरंगों का स्तर ज्यादा या कम होने पर रोग की पुष्टि होती है ।





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