तिलहन और तेल के भंडारण पर लगी स्टॉक लिमिट हटी




 तिलहन और तेल के भंडारण पर लगी स्टॉक लिमिट हटी 

थोक और खुदरा महंगाई दरों को लेकर चिंतित थी सरकार केंद्र से मिली राहत . 
भोपाल मजबती आने की उम्मीद बंधी | उड़द - वर आयात की समय सीमा बढ़ी

वाणिज्य न्यूज़ भोपाल | भोपाल नए साल के साथ ही तेल और तिलहन के कारोबारियों को सरकार की ओर से बड़ी राहत मिलने जा रही है । खाद्य , सार्वजनिक वितरण व उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने तेल - तिलहन से स्टॉक लिमिट हटाने का आदेश जारी कर दिया है । 31 जनवरी के बाद तेल और तिलहन पर स्टाक लिमिट का नियम प्रभावी नहीं होगा । इससे बाजार और स्टाकिस्ट दामों में मजबूती की उम्मीद कर रहे हैं । इसी साल फरवरी में केंद्र सरकार ने तेल - तिलहन पर स्टाक लिमिट लागू कर दी थी । मिलों , थोक कारोबारी और खुदरा कारोबारियों के लिए तेल - तिलहन के स्टाक की अलग - अलग सीमाएं निर्धारित की गई थी । लिमिट लागू करने के पीछे सरकार का उद्देश्य था तेल व तिलहन की जमाखोरी पर नियंत्रण रख बाजार में उपभोक्ताओं के लिए दाम स्थिर रखे जाएं । साथ ही सरकार थोक और खुदरा महंगाई दरों को लेकर भी चिंतित थी । 2021 में सोयाबीन का उत्पादन गिरने के बाद बाजार अच्छी खासी तेजी देख चुका था ।
स्टाक लिमिट के पहले सरकार ने वायदा कारोबार भी प्रतिबंधित किया था । अब स्टॉक लिमिट हटाने से कारोबारियों को सोयाबीन के दामों में थोड़ी मजबूती आने की उम्मीद बंध गई है । दरअसल इस साल नया सोयाबीन अब तक 53 हजार के आसपास ही बिक रहा है । तेल के दाम भी दायरे में कारोबार कर रहे हैं । माना जा रहा है कि किसानों से माल खरीदी को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने स्टाक लिमिट हटाने का निर्णय लिया है । दरअसल बाजार में नया सोयाबीन तो आ ही चुका है रबी में सरसों की बुवाई भी बेहतर हुई है । ऐसे में आने वाले समय में सरसों का भी रिकार्ड उत्पादन होगाकिसानों को उपज का सही दाम मिल सके इसलिए सरकार ने स्टाक लिमिटि में ढील देने का निर्णय लिया है ।

उड़द- तुवर आयात की समय सीमा बढ़ी आरबीडी ओलिन , आरबीडी पाम तेल ड्यूटी फ्री आयात की तय समय सीमा अनिश्चितकाल तक के लिए बढ़ाने के साथ सरकार ने उड़द - तुवर आयात की समय सीमा को 31 मार्च 2024 तक बढ़ा दिया है । इससे पहले यह समय सीमा 31 मार्च 2023 को समाप्त हो रही थी । सरकार ने इस बार समय से काफी पहले ही आयात की समय सीमा बढ़ाकर कारोबारियों को राहत दी है । चूंकि अब बर्मा वालों को उड़द बेचने का काफी समय मिल गया है । इसे ध्यान में रखते हुए नीचे भाव में घटाकर बिकवाली रुकने की संभावना है । केंद्र सरकार ने तय किया है कि आस्ट्रेलिया से इयूटी फ्री मसूर की सीमा नोटिफिकेशन के अनुसार 2023 में 15 लाख टन इयूटी फ्री आयात हो सकेगा । 15 लाख टन के ऊपर मसूर आयात पर 50 फीसदी देना होगा । सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार यह नियम जनवरी - दिसंबर के दौरान कैलेंडर वर्ष के लिए लागू होगा ।

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