घटना बच्चों का दर्द मिटाने मिट गया पूरा परिवार
विदिशा । भाजपा नेता अपने बच्चों की लाइलाज बीमारी और उसमें होने वाले असहनीय दर्द को मिटाने के लिए शहर के बंटी नगर क्षेत्र में रहने वाले एक भाजपा नेता और पूर्व पार्षद संजीव मिश्रा ने अपने दोनों बच्चों और खुद के साथ पत्नी को जहर देकर पूरा परिवार ही मिटा दिया । एक दिन पहले गुरुवार शाम हुई इस ह्रदयविरादक घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया । शुक्रवार को जब स्थानीय मुक्तिधाम पर एक साथ चार शवों का अंतिम संस्कार हुआ तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों में आंसू आ हुए । इस सामूहिक आत्महत्या में पहले दोनों बच्चों को मिठाई में मिलाकर जहर दिया गया । जब बच्चों की मौत हो गई , उसके बाद दोनों पति - पत्नी ने जहर खाकर अपनी जान दे दी । विदिशा के बंटी नगर में रहने वाले पूर्व पार्षद संजीव मिश्रा अपने दोनों बेटों 13 साल के अनमोल और 7 साल के सार्थक की लाइलाज बीमारी से परेशान थे । दोनों बेटे ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्राफी नाम की बीमारी से पीड़ित थे । ये बीमारी पहले बड़े बेटे को हुई बाद में छोटे बेटे को भी हो गई । इसी को लेकर संजीव मिश्रा और उनकी पत्नी नीलम बच्चों को लेकर काफी परेशान रहा करते थे । इस बीमारी के कारण कक्षा सातवीं में पढ़ने वाले बेटे अनमोल का स्कूल जाना बंद हो गया था । सुसाइड नोट में लिखा , हमारे लिए कोई न रोए संजीव के कमरे से पुलिस को दो पेज का सुसाइड नोट मिला है । इन दोनों पेजों पर बड़े अक्षरों में बच्चों की लाइलाज बीमारी से परेशान होकर खुदकुशी करने की बात लिखी है । साथ ही यह भी लिखा है कि हम तो एक दूसरे के लिए रो न सके , इसलिए हमारे लिए भी कोई न रोए । अपनी मौत से पहले संजीव ने फेसबुक पर दो पोस्ट भी डाली । एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि भगवान दुश्मन के बच्चों को भी यह बीमारी ना दे , वहीं दूसरी पोस्ट करते हुए परिवार की फोटो डाली और उसमें लिखा कि शिकवा नहीं किसी से किसी से गिला नहीं भाग्य में नहीं था हमको मिला नहीं । भाई को फोन कर कहा , बच्चे गए अब हम भी जा रहे हैं खुदकुशी करने से पहले संजीव मिश्रा की पत्नी नीलम ने अपने भाई को फोन लगाकर बात की थी । नीलम ने उनसे कहा कि बच्चे चले गए हैं अब हम दोनों भी जा रहे हैं । उनके भाई को कुछ शक हुआ जिसके बाद परिवार के दूसरे लोगों को फोन लगाकर घर जाने को कहा लेकिन उनके कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला तब घर के लोगों ने पुलिस को सूचना दी ।
सिविल लाइन थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि वह तुरंत मौके पर पहुंचे दरवाजा तोड़ना पड़ा अंदर देखा तो बच्चे कंबल से ढके हुए थे दोनों पति - पत्नी तड़प रहे थे सभी को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया जहां बच्चों को मृत घोषित कर दिया । वहीं कुछ समय बाद दोनों पति पत्नी की भी मौत हो गई । सीएसपी विकास पांडे ने बताया कि घर से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें बच्चों की इस लाइलाज बीमारी से परेशानी का ही जिक्र है । बच्चों को मिठाई में खिलाया जहर , फिर खुद खाया संजीव मिश्रा ने पहले अपने दोनों बच्चों को जहर खिलाया । उन्होंने मिठाई में जहर मिलाकर बच्चों को दिया उनकी मौत आंखों के सामने होने के बाद ही दोनों पति पत्नी ने जहर खाया । थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी के मुताबिक बच्चों की मौत के बाद संजीव मिश्रा ने उन्हें कंबल से ढक दिया था । पास में एक बाल्टी रखी थी जिसमें बच्चों को उल्टियां कराई गई थी । बच्चों को पहले मिठाई में जहर दिया था । पुलिस को कमरे से जहरीला पदार्थ सल्फास की 48 48 ग्राम की दो डिब्बियां भी मिली है , जिसमें एक खाली और दूसरी पावडर से आधी भरी हुई थी । क्या है लाइलाज बीमारी ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्राफी स्थानीय अटल बिहारी मेडिकल कालेज के चीफ मेडिकल आफिसर डा . वैभव जैन ने बताया कि ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्राफी एक खतरनाक घर से एक साथ उठी चारों की अर्थी , गमगीन हुआ शहर शुक्रवार सुबह अस्पताल से पोस्टमार्टम के बाद चारों के शव घर लाए गए जहां परिवार के लोगों का रो रो कर बुरा हाल था । चारों की शव यात्रा एक साथ निकाली गई , श्मशान में भी चारों का एक साथ अंतिम संस्कार कराया गया ।
जिसने भी इन दृश्यों को देखा अपने आंखों से आंसू नहीं रोक पाया । इस घटना के बाद से पूरे शहर में शोक की लहर है । भाजपा नेता पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश टंडन सहित कई भाजपा नेता अंतिम यात्रा में शामिल हुए । इसके अलावा एसडीएम गोपाल वर्मा , सीएसपी विकास पांडे सहित पुलिस बल घर पर मौजूद रहा । आठ वर्षो से लाइलाज बीमारी से जूझ रहा था बेटा परिवारिक सूत्रों के अनुसार संजीव का बड़ा बेटा अनमोल पिछले आठ वर्षों से लाइलाज कही जाने वाली बीमारी ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्राफी से जूझ रहा था । संजीव के मित्र रामनारायण विश्वकर्मा के मुताबिक संजीव ने दिल्ली के एम्स सहित देश के अन्य बड़े अस्पतालों में बेटे का इलाज कराया लेकिन वह ठीक नहीं हो पाया । इसके बाद छोटे बेटे सार्थक में भी इस बीमारी के लक्षण दिखाई देने लगे थे । जिसके कारण वह बहुत परेशान रहने लगा था । और जानलेवा बीमारी है । खासकर बच्चों में होने वाली इस बीमारी में क मांसपेशियां कमजोर होने लगती है और मरीज चलने फिरने में असमर्थ हो जाता है । अब तक इस बीमारी क का इलाज नहीं खोजा जा सका है ।




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