जेपी नड्डा के कार्यकाल के बाद एमपी प्रदेश अध्यक्ष बदलने की तैयारी राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी सहित लाल सिंह आर्य का नाम आगे
भोपाल जेपी नड्डा एक साल के लिए और बीजेपी के अध्यक्ष रहने वाले हैं. पार्टी की तरफ से उन्हें एक साल का एक्सटेंशन दे दिया गया है. इसकी अटकलें पहले से लग रही थीं, अब पार्टी ने ऐलान भी कर दिया है. बड़ी बात ये है कि नड्डा 2024 तक पार्टी की कमान संभालने जा रहे हैं, यानी कि लोकसभा चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाएगा.भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का कार्यकाल 17 महीने बढ़ा दिया गया है। पार्टी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इसको प्रस्ताव पास कर दिया
जानकारी के लिए बता दें कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में 9 राज्यों में विधानसभा और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। नड्डा का कार्यकाल 20 जनवरी को खत्म हो रहा था, इसे बढ़ाकर जून 2024 तक कर दिया गया है। इस फैसले के बाद अब मध्य प्रदेश बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर हलचल तेज हो गई हैं बता दें कि मध्य प्रदेश बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कार्यकाल बढ़ेगा या नहीं? इस पर जल्दी ही फैसला होना लगभग तय माना जा रहा है । मध्यप्रदेश में भी बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा का तीन साल का कार्यकाल अगले महीने पूरा हो जाएगा। जिसको लेकर अभी से हलचल तेज हो गई हैं |
वही बीजेपी सूत्रों की मानें तो, नड्डा का कार्यकाल बढ़ाए जाने के बाद भी उनकी टीम में बड़े पैमाने पर बदलाव होना तय लगभग माना जा रहा है। इसमें राष्ट्रीय पदाधिकारियों से लेकर राज्य के अध्यक्ष भी बदले जाना है। जिसमें उन राज्यों में, बदलाव किया जाना है जहां बीजेपी की सरकार है। इस बड़े बदलाव की प्रमुख वजह, पार्टी विधानसभा चुनावों को 2024 के लोकसभा चुनाव के सेमीफाइनल के तौर पर देख रही है।
अटकलें तेज वीडी शर्मा को केंद्र में जिम्मेदारी
सूत्रों के हवाले से खबर तो यह भी है कि यदि विष्णु दत्त (वीडी) शर्मा को हटाया तो उन्हें केंद्र में जिम्मेदारी दी जा सकती है। वही पार्टी गणित के मुताबिक उनके स्थान पर जातीय कार्ड खेल सकती है। बता दें कि प्रदेश में बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती आदिवासी वोटबैंक को साधने की है। 2018 मैं हार की सबसे बड़ी वजह इस बड़े वोटबैंक का छिटकना था। इसी वोट बैंक को साधने के लिए आदिवासी नेता को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया जा सकता है। इसमें कई आदिवासी चेहरों के नाम हैं जिसमें सबसे पहले राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी का नाम आता है। सोलंकी मोदी-शाह की और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी और पहली पसंद माने जाते हैं | हालांकि सोलंकी के अलावा पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य भी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में शामिल है बता दें कि प्रदेश में बीजेपी दलित वोटर्स को साधे रखने की रणनीति पर कार्य कर रही है दलित जाति के बोर्ड साधने के लिए तो इस वर्ग से प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से इनकार नहीं किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो बीजेपी के अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य को यह कुर्सी सौंपी जा सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि आर्य, मुख्यमंत्री शिवराज सरकार के पिछले कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं। सीएम के करीबी माने जाते हैं हालांकि वे 2018 में चुनाव हार गए थे।




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