रात में भी मैदान में डटे रहे करणी सेना के कार्यकर्ता
भोपाल । आर्थिक आधार पर आरक्षण , स्कूल शिक्षा में मनमाने तरीके से समाप्त किए गए ईडब्ल्यूएस के पदों को बहाल करने समेत 21 मांगों को लेकर राजधानी के जंबूरी मैदान पर रविवार को करणी सेना का महाआंदोलन शुरू हुआ । आंदोलन में उमड़े जनसैलाब में संगठन के प्रमुख जीवन सिंह में शेरपुर अनशन पर बैठ गए । उन्होंने मांगें नहीं मानने पर विधानसभा घेराव की चेतावनी दी , हालांकि बाद में प्रशासन के अधिकारियों ने उनसे बातचीत का समय मांगा , जिसके बाद फिलहाल प्रस्तावित विधानसभा घेराव टाल दिया गया । जीवन सिंह ने कहा है कि भूख हड़ताल पर सिर्फ 5 लोग बैठेंगे । उन्होंने कहा कि आंदोलन लगातार जारी रहेगा । जीवन सिंह ने कहा कि हमने मांगें पूरी करने के लिए रविवार शाम 4 बजे तक का समय दिया था । इस पर सरकार ने हमसे समय मांगा है , लेकिन सरकार ने देर रात तक मांगों को लेकर कोई हल नहीं निकाला है । जब तक मांगें पूरी नहीं होती , हम यहीं बैठेंगे । जीवन सिंह के ऐलान के बाद कड़कड़ाती ठंड में हजारों लोगों ने मैदान में टेंट लगाकर डेरा डाल दिया ।
जंबूरी मैदान में करणी राशन- टेंट लेकर पहुंचे लोग सेना को कार्यक्रम के लिए एक दिन की अनुमति दी गई है , लेकिन यहां पहुंचे ज्यादातर लोग दो से चार दिन का राशन लेकर आए हैं । करणी सेना के कृष्णा बुंदेला ने कहा कि आंदोलन को रोकने के लिए तमाम प्रयास किए गए । आयोजन की अनुमति बड़ी मुश्किल से मिली । करणी सेना के बहादुर सिंह तोमर ने कहा कि प्रशासन की तरफ से पानी के एक भी टैंकर तक की व्यवस्था नहीं की थी । भाजपाईयों की नौटंकी का गुमराह करने का जवाब : नाथ भोपाल । भोपाल के जंबूरी मैदान में रविवार को हुए आंदोलन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि भोपाल के जंबूरी मैदान में देश प्रदेश के हजारों युवा व्यवस्था में सुधार को लेकर धरना - प्रदर्शन कर रहे हैं । भाजपा सरकार द्वारा कार्यक्रम की अनुमति को रद्द कराना , परिवहन व्यवस्था में बाधा डालना और फिर युवाओं के दबाव में पुनः अनुमति देना , पूरे आंदोलन को बाधित करने और लोकतांत्रिक प्रणाली में शिवराज सरकार के विश्वास न होने को दर्शाता है । लोकतांत्रिक आंदोलन , विरोध और प्रदर्शन को पुलिस , पैसा और प्रशासन से कुचलना भाजपा सरकार की नीति बनती जा रही है ।
ये हैं प्रमुख मांगें आरक्षण की व्यवस्था बंद कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू किया जाए । एससी एसटी एक्ट में बिना जांच के गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए । ■ एससी एसटी एक्ट की तरह सामान्य पिछड़ा एक्ट बनाया जाए , जो सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के नागरिकों पर एससी एसटी द्वारा किए जाने वाले अत्याचार से रक्षा करें । ईडब्ल्यूएस आरक्षण में भूमि एवं मकान की बाध्यता को समाप्त कर 8 लाख रुपए वार्षिक आय निर्धारित की जाए । वर्तमान में प्रक्रियाधीन शिक्षक भर्ती वर्ष 2018 में प्रथम काउंसलिंग के बाद शेष बचे ईडब्ल्यूएस वर्ग के समस्त पदों को द्वितीय काउंसलिंग या शिक्षा विभाग की वर्तमान नियोजन प्रक्रिया में समस्त पदों के साथ ईडब्ल्यूएस वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों से भरा जाए । क्षत्रिय महापुरुषों के इतिहास में छेड़छाड़ को रोका जाए , इतिहास संरक्षण समिति बने ताकि समाज में आपसी सामंजस्य बना रहे । ■ सवर्ण आयोग की कार्यप्रणाली में सुधारकर क्रियाशील बनाया जाए । पद्मावत फिल्म के विरोध में दर्ज प्रकरण वापस लिए जाए ।
मप्र की सरकार सभी जाति और वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है । संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सभी वर्गों के कल्याण के लिए कटिबद्ध हैं । क्षत्रिय समाज के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनकी अधिकांश मांगो को पूरा कर दिया गया है । देश प्रथम की भावना पर सरकार काम कर रही है । सभी वर्गों के कल्याण के लिए जो भी किया जा सकता है वो राज्य सरकार करेगी । सामान्य वर्ग कल्याण आयोग भी इसी मंशा के साथ सरकार ने बनाया है । सभी वर्गों के कल्याण के लिए सरकार के द्वारा कई योजनाएं बनायी जा रही हैं । सभी वर्गों के साथ चर्चा के लिए राज्य सरकार के द्वारा हमेशा खुले हुए हैं । अरविंद भदौरिया ( सहकारिता मंत्री )




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