कानून मंत्रालय ने संसदीय समिति को दी रिपोर्ट 15 साल में 79 % जज सामान्य वर्ग से बने

 


कानून मंत्रालय ने संसदीय समिति को दी रिपोर्ट 15 साल में 79 % जज सामान्य वर्ग से बने


हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति 537 कुल जज 2.8 % अजा 1.3 अजजा 79 % सामान्य 11 % ओबीसी 2.6 % अल्पसंख्यक 20 की पृष्ठभूमि पता नहीं


नई दिल्ली , एजेंसी । केंद्रीय कानून मंत्रालय ने कानून और न्याय व्यवस्था की भर्तियों को लेकर संसदीय स्थायी समिति को बताया कि बीते 5 वर्षों में हाई कोर्ट में की गई जजों की नियुक्तियों में से हाईकोर्ट में जज 79 फीसदी जज उच्च जातियों से हैं । मंत्रालय के न्याय विभाग ने बीजेपी सांसद सुशील मोदी की अध्यक्षता वाले पैनल के समक्ष हाई कोर्ट के जजों की नियुक्तियों के संबंध में एक रिपोर्ट दी है , जिसमें कार्मिक , लोक शिकायत , कानून और न्याय पर संसदीय स्थायी समिति के समक्ष एक विस्तृत प्रस्तुति दी है । आंकड़ों में 79 फीसदी न्यायाधीश जनरल कैटेगिरी से हैं । आंकड़े बताते हैं कि 2018 से 19 दिसंबर 2022 तक कुल 537 जजों को विभिन्न उच्च न्यायालयों में नियुक्त किया की नियुक्ति में गया था । नियुक्त किए गए जजों में से 79 फीसदी जज सामान्य वर्ग से , 11 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग से और 2.6 प्रतिशत अल्पसंख्यक वर्ग से थे । अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों हिस्सेदारी क्रमशः 2.8 प्रतिशत और 1.3 प्रतिशत थी । वहीं इनमें से 20 जजों की सामाजिक पृष्ठभूमि का पता मंत्रालय नहीं लगा सका । की




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