बच्चे के खून से जिंदगी चलाने ' जैसा है शराब से राजस्व वसूलना


बच्चे के खून से जिंदगी चलाने ' जैसा है शराब से राजस्व वसूलना


शराब दुकान बंद हो जानी चाहिए वरना मैं सारे काम छोड़कर आऊंगी

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा ... प्राइवेट संस्थाओं को बढ़ावा दिया जा रहा , सरकारी संस्थान की हालत कमजोर

बच्चे के खून से जिंदगी चलाने ' जैसा है शराब से राजस्व वसूलना



भोपाल मध्य प्रदेश । शराबबंदी को लेकर फायर ब्रांड नेत्री उमाभारती मौका मिलते ही अपनी ही सरकार को आईना दिखाने में कोई कमी बाकी नहीं रखतीं , शराब के विरोध पर उनके स्वर और तेवर एक बार फिर मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में सुनाई दिये । नरसिंहपुर के तेंदूखेड़ा तहसील अंतर्गत इमझिरा में शुक्रवार को वह एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं , जहाँ एक सभा के दौरान उन्होंने तीखे व्यंग्य बाण चलाते हुए अपनी ही सरकार पर निशाना साधा लेकिन भैया शिवराज सिंह की तारीफ भी कर डाली । अपने सख्त लहजे के लिए पहचाने जाने वाली पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने बातों ही बातों में यह कहा कि शराब पिलाकर राजस्व वसूल करना और सरकार चलाना वैसे ही है जैसे बच्चे का खून पीकर माँ अपनी जिंदगी चलाए । उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को चाहिए कि वह ऐसे प्रयास करे जिससे लोग कम शराब पिएं , इसकी व्यवस्था की जानी जरूरी है । उमा भारती यहीं नहीं रुकी उन्होंने अपने अन्दाज में सीधे तौर पर कहा कि मैं तो भगवान हनुमान जी की भक्त हूँ , हनुमान जी ने कहा लंका जला आओ , मैं जला आई । उन्होंने सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर अपनी सरकार को आड़े हाथों घेरते हुए कहा कि एक तरफ सरकारी स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं , सरकारी अस्पतालों में ईलाज अच्छा नहीं मिल रहा है , वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट अस्पतालों को बढ़ावा दिया जा रहा है । उमा भारती ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करते हुए कहा जब नए सत्र में शराब नीति में संशोधन की बात चली तो शिवराज जी मेरी हर बात का समर्थन कर रहे थे वह मेरी हर बात पर सहमत थे क्योंकि शिवराज जी के मन भी यह बात थी ।


शराब दुकान बंद हो जानी चाहिए वरना मैं सारे काम छोड़कर आऊंगी


डिंडोरी । ये शराब दुकान सारे नियमों का उलंघन कर रही है , मैं चेतावनी देकर जा रही हूं । शराब दुकान के 50 मीटर के अंदर ही स्कूल भी है और तिरंगा ध्वज भी लहरा रहा है । जोर देते हुए कहा ये दुकान बंद हो जानी चाहिए , वरना मैं सारे काम छोडकर यहां आ जाऊंगी और फिर एक उदाहरण पेश होगा । मैं चाहिती हूं कि ये बात खुलेआम बोलूं ताकि ये बात हमारे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंचे क्योंकि उनके भी आदेशों की अवहेलना हो रही है । ये तीखे तेवर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के शुक्रवार को शहपुरा में दिखे । पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती शहपुरा में आईं तो थी परिचितों से मिलने लेकिन अचानक शराब दुकान पर पहुंच गईं । उमा भारती पिछले कई दिनों से अमरकंटक में थीं । गुरुवार की शाम अमरकंटक से लौटते वक्त शहपुरा रेस्ट हाउस में रूकीं । रात्रि विश्राम कर शुक्रवार सुबह नगर में कुछ परिचितों से मिलने के लिए निकली थी । उसी दौरान मार्ग में शराब दुकान दिख गई । शराब दुकान के सामने खड़े होकर उन्होंने शराब दुकानदार को चेतावनी दी कि यह शराब दुकान नियम विरुद्ध संचलित हो रही है । पचास मीटर की दूरी पर स्कूल है । 100 मीटर की दूरी पर ही राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहरा रहा है , और सुना है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी शराब दुकान बंद करने के निर्देश दिए हैं । इसके बावजूद भी शराब दुकान संचालित होना दुर्भाग्यपूर्ण है । उमा भारती ने आगे कहा कि मैं चेतावनी दे रही हूं कि शराब दुकान बंद हो जानी चाहिए । नहीं तो मैं फिर आऊंगी , और वह फिर उदारहण पेश होगा ।




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