शिवराज और उनके कैबिनेट मंत्रियों का जलवा गुजरात चुनाव में भी बरकरार

शिवराज और उनके कैबिनेट मंत्रियों का जलवा गुजरात चुनाव में भी बरकरार

शिवराज और उनके कैबिनेट मंत्रियों का जलवा गुजरात चुनाव में भी बरकरार

 शिवराज, परमार और भदौरिया को 100 फीसदी सफलता मिश्रा और विश्वास सारंग पिछड़ गए


भोपाल , । गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 182 में से 156 सीटों पर जीत हासिल इतिहास बनाया है । इन नतीजों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर मध्यप्रदेश के कई कैबिनेट मंत्रियों का उत्साह चरम पर है । वजह यह है कि ज्यादातर सीटों की जिम्मेदारी सीधे - सीधे मध्यप्रदेश के भाजपा नेताओं के कंधे पर थी ।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ - साथ गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा , चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग , सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया , स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने गुजरात में अपना पूरा समय दिया । इन नेताओं ने जिन सीटों पर मेहनत की । चुनावी रणनीति के हिसाब से जीत हासिल की । हालांकि , बाद में नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह , उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव , उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा भी पहुंचे । आइये जानते हैं कि किस मंत्री का स्ट्राइक रेट क्या रहा है | 

कैसा रहा मंत्रियों का परफॉर्मेंस 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मांडवी , गांधीधाम , मोरबी और भावनगर विधानसभा में भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया । सभी पर भाजपा को जीत मिली । शिवराज के प्रचार की सीटों पर भाजपा को 100 प्रतिशत जीत मिली । सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया को भरूच जिले की जंबुसर , बागदा , झगडीया , भरूच और अंकलेश्वर विधानसभा की जिम्मेदारी थी । इन सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों ने ही जीत हासिल की । भदौरिया का स्ट्राइक रेट 100 प्रतिशत रहा है । स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को खेड़ा जिले की छह विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी थी । इनमें मातर , नाडियाद , माहेमदावाद , महुधा , ठासरा , कपडवंज विधानसभा सीटें शामिल हैं । इन सभी सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की है । गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के पास बनासकांठा की पांच विधानसभा सीटों का जिम्मा था । इनमें वाव , थराद , धानेरा , डीसा और दियोधर विधानसभा की जिम्मेदारी थी । चार पर भाजपा जीती । वाव पर कांग्रेस जीती । नरोत्तम मिश्रा का स्ट्राइक रेट 80 प्रतिशत रहा । चुनाव प्रचार के दौरान चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग की कार को ट्रक ने टक्कर मार दी थी ।

गुजरात मॉडल ने बढ़ाई MP बीजेपी  की बेचैनी 

विधायकों वाली विधानसभा में पार्टी ने 156 सीटों पर सर्वे बनेगा टिकट कटने का बढ़त / जीत हासिल की । मप्र में भाजपा ने अपने विधायकों का प्रदर्शन जांचने के लिए तीन स्तर पर सर्वे कराया है । पहले सर्वे में जिन विधायकों का प्रदर्शन खराब निकला था , उन्हें समझाइश दी गई थी । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नवंबर में विधायक दल की बैठक बुलाई और इसमें साफ तौर पर सर्वे का जिक्र भी किया था । शिवराज ने कहा था कि अभी चुनाव से पहले दो और सर्वे होंगे । आचरण और व्यवहार सुधारना होगा । तभी 2023 के विधानसभा चुनावों में विधायकों के टिकट पर फैसला होगा । मप्र में अगले साल विधानसभा चुनाव है । एक साल से भी कम समय बचा है । ऐसे में गुजरात में मिली सफलता के बाद कई मौजूदा विधायकों को टिकट कटने की चिंता सताने लगी है । खासकर उन विधायकों को जिनका प्रदर्शन औसत से कमजोर रहा है । भाजपा अपनी सक्सेस स्टोरी दोहराने के लिए गुजरात मॉडल पूरे देश में लागू कर सकती है । एक साल पहले मुख्यमंत्री का चेहरा बदला । फिर मंत्रियों के कामकाज में भी फेरबदल किए । 30 से अधिक विधायकों के टिकट काटे । उनकी जगह युवाओं को मौका दिया । इसका असर यह हुआ कि 182 भाजपा ने इन सर्वे के आधार पर ही टिकट काटने का फैसला किया है । गुजरात मॉडल से यह सुनिश्चित हो गया है कि यह फॉर्मूला आने वाले चुनावों में भी आजमाया जाएगा । मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार प्रभू पटैरिया ने कहा कि भाजपा सर्वे कराती है और यह किसी से छिपा नहीं है । इसके नतीजे टिकट काटने का आधार भी बनते हैं । कमजोर परफॉमंस वाले विधायकों और मंत्रियों के भी टिकट पिछली बार कटे थे । अब गुजरात में • जबरदस्त सफलता मिली है तो निश्चित तौर पर भाजपा मध्यप्रदेश में जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन साधने के साथ ही युवाओं पर दांव खेलेगी ।

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