मामले में पुलिस ने अपहरण की धाराओं में केस दर्ज किया था. जांच में पता चला कि लड़की महाराष्ट्र के ग्राम पिंपरीखुर्द हिवरखेड़ी थाने के रहने वाले अक्षय पिता रविन्द्र बकोड़े के संपर्क में थी. दोनों की मोबाइल पर लंबी बात होने के साथ ही चैटिंग भी हुआ करती थी. गत 22-23 दिसंबर की रात को आरोपी ने आकर लड़की को शादी का झांसा देकर भगाकर ले गया था। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की, जिसमें लड़की के मोबाइल की आखिरी लोकेशन अकोला में मिली। जिस पर सिविल लाइन थाना प्रभारी राजेश साहू ने पुलिस टीम को अकोला भिजवाया। जहां टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया और लड़की को बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया।
नाबालिग 10वीं की छात्रा है. करीब दो महीने पहले आरोपी अक्षय से सोशल मीडिया के जरिए पीडिता का संपर्क हुआ. धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी तो दोनों ने नंबर का लेनदेन कर लिया. लड़के ने अपनी प्रोफाइल पर आरटीओ लिखी गाड़ी का फोटो लगा रखा था और खुद को आरटीओ अफसर बताया.
पड़ताल के बाद पुलिस ने 366, 376 (2) (एन) और पास्को एक्ट की धाराएं बढ़ा दीं. गुरुवार को आरोपी को गांव से लेकर हरदा पहुंची. शुक्रवार को मेडिकल के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.
पीडिता ने पुलिस को बताया कि हरदा से आरोपी उसे भुसावल ले गया और वहां से आकोट ले गया. यहां पर किराए के मकान में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. लड़का हकीकत में वेल्डर है और खुद को आरटीओ अधिकारी बताता है. एसआई संतोष रघुवंशी ने बताया कि जब वह आरोपी को पकड़ने के लिए एक शो रूम पर पहुंचे, वहां पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला, तभी रिसेप्शनिस्ट ने युवक के बारे में बताया. लड़के को पकड़ने के बाद टीम आकोट स्थित किराए के मकान पर पहुंची, जहां नाबालिग मिली. नाबालिग को उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया. आरोपी ने लड़की को शादी का झांसा भी दे रहा था.




0 टिप्पणियाँ