ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, सरपंच-सचिवों को दिया प्रशिक्षण,


रीवा। ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत रीवा द्वारा कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा के निर्देश पर आयोजित कार्यशाला में जिले की छह जनपद पंचायतों के सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों ने हिस्सा लिया।

महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज संस्थान, जबलपुर के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला दो पालियों में संपन्न हुई। पहली पाली में रीवा, जवा और त्यौंथर जनपद पंचायतों के प्रतिभागी शामिल हुए, जबकि दूसरी पाली में गंगेव, रायपुर कर्चुलियान और सिरमौर के प्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

पंचायतों की आय बढ़ाने पर जोर

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा ने ग्राम पंचायतों को अपने आय स्रोत बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायतें स्वयं के स्रोतों से राजस्व संग्रहण पर विशेष ध्यान दें। करों की प्रभावी वसूली के साथ ऑनलाइन भुगतान प्रणाली लागू की जाए और ग्रामीणों को इसके प्रति जागरूक किया जाए, ताकि पंचायतें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

ऑनलाइन रिकॉर्ड और ऑडिट अनिवार्य

कार्यशाला में समग्र पंजीयन का कार्य प्राथमिकता से पूरा करने, दृष्टि पोर्टल पर शत-प्रतिशत प्रविष्टियां दर्ज करने तथा ऑनलाइन ऑडिट और कैश बुक का रिकॉर्ड नियमित रूप से संधारित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पंचायतों की संपत्तियों का रजिस्टर तैयार रखने और संपत्तियों पर निर्धारित मानकों के अनुसार कर लगाने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई।

नल-जल योजनाओं और बिजली बिलों पर चर्चा

ग्राम पंचायतों में संचालित नल-जल योजनाओं को सुचारू बनाने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। लंबित योजनाओं को शीघ्र पूरा कर संबंधित पंचायतों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए।

वहीं, मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के शासकीय कनेक्शनों की सूची तैयार करने और सभी कनेक्शनों पर मीटर लगवाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही शासकीय कनेक्शनों के बिजली बिलों में निर्धारित दरों से अधिक राशि नहीं आने देने पर जोर दिया गया।

नौ थीमों पर दिया प्रशिक्षण

कार्यशाला में महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण विकास संस्थान, जबलपुर के फैकल्टी डॉ. त्रिलोचन सिंह ने प्रतिभागियों को स्वयं के स्रोतों से राजस्व संग्रहण (ओएसआर), ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी), दृष्टि पोर्टल के संचालन और डिजिटल भुगतान प्रणाली की तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी। ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने के लिए निर्धारित नौ थीमों पर भी प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला में जिला पंचायत के प्रभारी अधिकारी, विभिन्न जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सरपंच, पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक उपस्थित रहे।

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