वनभूमि से अतिक्रमण हटाने गई टीम पर पथराव, पांच वनकर्मी घायल

हरिपुरवासी में 50 हेक्टेयर क्षेत्र से हटाया अतिक्रमण, मवेशियों का बंद रास्ता भी खुलवाया

लटेरी। वनभूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने पहुंची वन विभाग की टीम को शनिवार को हरिपुरवासी गांव में विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने वनकर्मियों पर पत्थर फेंकने और डंडों से हमला करने का आरोप है। घटना में पांच वनकर्मी घायल हुए हैं।
जानकारी के अनुसार मणवाता बीट क्षेत्र के हरिपुरवासी गांव में वनभूमि पर अतिक्रमण के कारण ग्रामीणों के मवेशियों के जंगल की ओर आने-जाने का रास्ता प्रभावित हो रहा था। मामले को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं और वन विभाग की ओर से प्रकरण दर्ज किए जाने की कार्रवाई हो चुकी थी।

शनिवार सुबह उत्तर और दक्षिण रेंज का वन अमला मौके पर पहुंचा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया। वन विभाग का आरोप है कि विरोध कर रहे लोगों ने गोफन और पत्थरों का इस्तेमाल करते हुए कर्मचारियों पर हमला किया। अचानक हुए घटनाक्रम में पांच नाकेदार घायल हो गए। एक वनकर्मी को अपेक्षाकृत अधिक चोट लगने की जानकारी है।

ड्रोन से रखी जा रही थी निगरानी

कार्रवाई के दौरान वन विभाग द्वारा क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरे से की जा रही थी। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोगों के लाठी-डंडे और अन्य सामान के साथ टीम की ओर बढ़ने की जानकारी मिलने पर वन अमले ने सतर्कता बढ़ा दी थी।

कार्रवाई नहीं रुकी, हटाया गया अतिक्रमण

हमले और विरोध के बावजूद वन विभाग की टीम मौके पर डटी रही। उत्तर रेंज और दक्षिण रेंज के अधिकारियों के नेतृत्व में कार्रवाई जारी रखी गई। विभाग ने दो ट्रैक्टरों की सहायता से अतिक्रमित क्षेत्र में लगी फसल हटवाई और करीब 50 हेक्टेयर वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई की।

वन विभाग के अनुसार कार्रवाई के बाद ग्रामीणों के मवेशियों के जंगल जाने के लिए बंद रास्ते को भी खोल दिया गया।

पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी

घटना के बाद घायल वनकर्मियों को उपचार के लिए भेजा गया। वन विभाग ने हमला करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, मामले में पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

वन विभाग का कहना है कि सरकारी वनभूमि पर दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए आगे भी निगरानी और आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।

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