महिला सुरक्षा के दावों के बीच एफआईआर के लिए 6 घंटे इंतजार, शाम को दूसरे थाने भेजा

दोपहर 1 बजे बच्चे के साथ थाने पहुंची महिला, शाम 6:50 बजे तक दर्ज नहीं हुई एफआईआर


आनंदपुर।
महिला सुरक्षा को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन के तमाम दावों के बीच आनंदपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने थानों में महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत लेकर दोपहर करीब 1 बजे अपने बच्चे के साथ आनंदपुर थाने पहुंची एक महिला की एफआईआर शाम करीब 7 बजे तक दर्ज नहीं हो सकी। इसके बाद महिला को एफआईआर दर्ज कराने के लिए शमशाबाद थाना भेजे जाने की तैयारी की जाने लगी।

महिला ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि कच्छीखेड़ा निवासी कौशल पाटीदार उसके घर के आसपास घूम रहा था। महिला के अनुसार, घटना के दौरान वह नहाने गई थी, तभी आरोपी वहां पहुंचा और उसके पति के बारे में जानकारी ली। महिला ने बताया कि उसका पति काम के सिलसिले में राजस्थान गया हुआ है।
महिला का आरोप है कि पति के घर पर नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी ने उसे अकेला पाकर गलत हरकत करने का प्रयास किया। महिला ने विरोध करते हुए स्वयं को बचाया।

बच्चे के साथ घंटों थाने में बैठी रही महिला

घटना के बाद महिला अपने बच्चे के साथ आनंदपुर थाने पहुंची और पुलिस को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। महिला का कहना है कि वह दोपहर करीब 1 बजे से थाने में बैठी रही, लेकिन शाम तक उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई।

खबर लिखे जाने तक शाम करीब 6:50 बजे भी महिला की एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी थी। इसके बाद उसे शमशाबाद थाना भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

थाना प्रभारी बोले— महिला अधिकारी को बुलाया गया था

इस संबंध में आनंदपुर थाना प्रभारी राकेश रघुवंशी ने बताया कि महिला संबंधी प्रकरण में महिला अधिकारी को बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि दूसरे थाने से महिला थाना प्रभारी को बुलाने की प्रक्रिया की गई थी और आवश्यक कार्रवाई के बाद प्रकरण दर्ज किया जाना था।

बाद में महिला को शमशाबाद थाना भेजे जाने की जानकारी दी गई, जहां उसकी शिकायत पर आगे की कार्रवाई और एफआईआर दर्ज किए जाने की बात कही गई।

राजनीतिक प्रभाव की आशंका जताई

महिला ने आशंका जताई कि आरोपी कौशल पाटीदार का भाई भाजपा से जुड़ा एक प्रभावशाली व्यक्ति है। महिला का कहना है कि राजनीतिक प्रभाव के चलते मामले की कार्रवाई प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, राजनीतिक दबाव या प्रभाव के कारण कार्रवाई प्रभावित होने की आशंका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

महिला ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उसकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की जाए और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही किसी भी राजनीतिक अथवा अन्य प्रभाव से मुक्त होकर मामले की जांच करने की मांग की गई है।
महिला सुरक्षा को लेकर लगातार किए जा रहे दावों के बीच अब बड़ा सवाल यह है कि दोपहर 1 बजे शिकायत लेकर थाने पहुंची महिला की एफआईआर शाम करीब 7 बजे तक आनंदपुर थाने में क्यों दर्ज नहीं हो सकी और उसे दूसरे थाने भेजने की नौबत क्यों आई?

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