प्राचार्य को हटाने की मांग पर अड़े विद्यार्थियों ने आनंदपुर-उनारसी मार्ग किया जाम; डीईओ के जांच के आश्वासन पर खत्म हुआ प्रदर्शन
आनंदपुर/लटेरी। कालादेव का हायर सेकेंडरी स्कूल मंगलवार को प्राचार्य को हटाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद विवादों में आ गया। करीब 10-15 विद्यार्थियों ने प्राचार्य गीता साहू को हटाने की मांग को लेकर आनंदपुर-उनारसी मार्ग पर करीब पांच घंटे तक चक्काजाम किया। विद्यार्थियों के साथ आसपास के गांवों के कुछ युवा भी प्रदर्शन में शामिल हुए। सूचना मिलने पर पुलिस, एसडीएम और एसडीओपी मौके पर पहुंचे, लेकिन विद्यार्थी प्राचार्य को हटाने की मांग पर अड़े रहे।
दोपहर बाद जिला मुख्यालय से जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार कालादेव पहुंचे और सड़क पर बैठे विद्यार्थियों से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को प्राचार्य पर लगाए गए आरोपों की सक्षम अधिकारी से जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम करीब चार बजे विद्यार्थियों ने चक्काजाम समाप्त किया।फीस लेने और रसीद नहीं देने के लगाए आरोप
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि स्कूल में निर्धारित फीस से अधिक राशि ली जाती है और उसकी रसीद नहीं दी जाती। विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि आपत्ति करने पर उनके साथ मारपीट की जाती है। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से शिकायतों की जानकारी ली और उन्हें जांच का भरोसा दिया।
प्राचार्य के समर्थन में ग्रामीण भी पहुंचे
विद्यार्थियों के प्रदर्शन के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण प्राचार्य गीता साहू के समर्थन में सामने आए। ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर डीईओ एनके अहिरवार से मुलाकात की और लिखित समर्थन पत्र सौंपते हुए प्राचार्य को नहीं हटाने का आग्रह किया।
ग्रामीणों का कहना था कि गीता साहू के प्राचार्य बनने के बाद स्कूल की पढ़ाई का स्तर बेहतर हुआ है। उनका दावा है कि पिछले वर्ष स्कूल के अच्छे परिणाम के कारण यहां के 20 विद्यार्थियों को लैपटॉप और दो विद्यार्थियों को स्कूटी मिली थी। ग्रामीणों ने फीस को लेकर लगाए गए आरोपों को भी गलत बताया। उनका कहना था कि स्कूल में ली जाने वाली फीस की रसीद विद्यार्थियों को दी जाती है।
बच्चों को मोहरा बनाने का आरोप
ग्रामीणों ने प्रदर्शन के पीछे राजनीति और अन्य हितों का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोगों ने स्कूली बच्चों को आगे कर प्राचार्य के खिलाफ आंदोलन कराया है। ग्रामीणों के अनुसार, 15 अगस्त को पड़ोसी गांव का एक व्यक्ति स्कूल पहुंचा था और उसने प्राचार्य पर अवैध रूप से फीस वसूलने का आरोप लगाते हुए उनसे अभद्रता की थी। इसके कुछ दिन बाद उक्त व्यक्ति के साथ मारपीट की घटना भी हुई थी। ग्रामीणों का दावा है कि मंगलवार के प्रदर्शन में वह व्यक्ति भी मौजूद था।
ग्रामीणों ने आंदोलन के पीछे कुछ अतिथि शिक्षकों की भूमिका होने की बात भी कही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पांच घंटे जाम रहा मार्ग, परेशान हुए राहगीर
आनंदपुर-उनारसी मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ता है। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई वाहन चालकों को गांवों के वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ा। बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों के वैकल्पिक रास्तों पर कीचड़ होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जांच तक बीईओ कार्यालय में अटैच रहेंगी प्राचार्य
जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने कहा कि विद्यार्थियों की शिकायतों के आधार पर प्राचार्य के खिलाफ लगाए गए आरोपों की सक्षम अधिकारी से जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने तक प्राचार्य गीता साहू को लटेरी बीईओ कार्यालय में अटैच किया गया है।
“विद्यार्थियों की शिकायत के बाद प्राचार्य के खिलाफ लगाए गए आरोपों की सक्षम अधिकारी से जांच कराई जाएगी। तब तक प्राचार्य को लटेरी बीईओ कार्यालय अटैच किया गया है।” — एनके अहिरवार, जिला शिक्षा अधिकारी, विदिशा




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