322वीं राष्ट्रीय आरटीआई बैठक में सूचना में देरी और अपील प्रक्रिया पर मंथन

रीवा। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत सूचना प्राप्त करने में हो रही देरी, आवेदन खारिज किए जाने और अपील प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों को लेकर 23 अगस्त को 322वीं राष्ट्रीय आरटीआई जूम बैठक आयोजित की गई। सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चली बैठक में देशभर से आरटीआई कार्यकर्ता और नागरिक ऑनलाइन जुड़े।

बैठक में उत्तराखंड के प्रोफेसर एवं आरटीआई रिसोर्स पर्सन वीरेंद्रकुमार ठक्कर ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से आरटीआई आवेदन से लेकर प्रथम एवं द्वितीय अपील तक की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार के मामलों में छूट संबंधी प्रावधानों का उपयोग करते समय जनहित के पहलू का परीक्षण महत्वपूर्ण है।

अपील और रिकॉर्ड प्रबंधन पर जोर

विशेषज्ञों ने कहा कि आरटीआई आवेदन में मांगी गई सूचना स्पष्ट और उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुरूप होनी चाहिए। आवेदन, जवाब, प्रथम अपील और अन्य दस्तावेजों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखना आगे की कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

बैठक में सूचना आयोग की भूमिका पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि आयोग सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश देने के साथ अधिनियम के प्रावधानों के तहत जुर्माना लगा सकता है तथा उपयुक्त मामलों में आवेदक को मुआवजा दिए जाने का प्रावधान भी है। भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई के लिए अन्य सक्षम कानूनी मंचों का सहारा लिया जा सकता है।

डिजिटल आरटीआई और आयोगों की स्थिति पर चिंता

बैठक में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आरटीआई आवेदन और सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा झारखंड में मुख्य सूचना आयुक्त के पद और हिमाचल प्रदेश राज्य सूचना आयोग की स्थिति को लेकर चिंता जताई गई। इस मुद्दे पर न्यायिक हस्तक्षेप के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की रणनीति पर चर्चा हुई। इस संदर्भ में सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के मामलों का भी उल्लेख किया गया।

सड़क से लेकर शिक्षा-स्वास्थ्य तक उठे सवाल

बैठक में रीवा के सड़क बुनियादी ढांचे और हाइड्रोलिक डेटा, निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों की फोटोग्राफी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता और बच्चों की निजी जानकारी की सुरक्षा जैसे व्यावहारिक सवाल भी उठाए गए। पुलिस और पीडब्ल्यूडी विभागों में तबादलों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार की जानकारी सामने लाने के लिए आरटीआई के प्रभावी इस्तेमाल पर भी मार्गदर्शन दिया गया।

कार्यक्रम का संचालन सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने किया। बैठक में राज तिवारी, जयपाल सिंह खींची, फतेह चंद्र गुलेरिया, उत्तम चंद्र वशिष्ठ, सुनील खंडेलवाल, सुरेश प्रसाद मौर्या, देवेंद्र अग्रवाल सहित देश के विभिन्न हिस्सों से सैकड़ों आरटीआई कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।

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