भोपाल। त्योहारी सीजन से पहले शक्कर के दामों में अचानक गिरावट आई है। राजधानी भोपाल के थोक बाजार में पिछले तीन दिनों में शक्कर के भाव करीब 800 रुपए प्रति क्विंटल तक कम हो गए हैं। कुछ दिन पहले जहां शक्कर के दाम 7,000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे, वहीं अब भाव घटकर करीब 6,100 से 6,200 रुपए प्रति क्विंटल रह गए हैं।
बाजार में आई इस गिरावट को केंद्र सरकार की स्टॉक जांच और जमाखोरी पर सख्ती से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक शक्कर के कारोबार में स्टॉक की वास्तविक स्थिति और कागजों में दिखाई जा रही बिक्री के बीच अंतर की शिकायतों के बाद 1 से 14 अगस्त तक फिजिकल स्टॉक वेरिफिकेशन कराया गया था।
जांच में सामने आई स्टॉक की गड़बड़ी
बाजार से जुड़े जानकारों के अनुसार जांच के दौरान कुछ मामलों में ऐसी शक्कर का रिकॉर्ड सामने आया, जिसे कागजों में थोक ग्राहकों को बेचा हुआ बताया गया था, लेकिन उसका भौतिक स्टॉक शुगर मिलों के गोदामों में ही मौजूद था। इसके अलावा जमाखोरी और सट्टेबाजी के जरिए कीमतों को प्रभावित किए जाने की भी जानकारी सामने आई।
जांच और सरकार की सख्ती के बाद बाजार में ऊंचे भाव पर लगाम लगी और थोक कीमतों में गिरावट शुरू हो गई। हालांकि कारोबारियों के मुताबिक त्योहारी सीजन की मांग अभी अपेक्षा के मुताबिक तेज नहीं हुई है।
मिठाई पर शक्कर से ज्यादा ड्राईफ्रूट का असर
शक्कर के दाम में भले ही गिरावट आई हो, लेकिन इसका असर फिलहाल मिठाइयों की कीमतों पर दिखाई देने की उम्मीद कम है। मिठाई कारोबारियों का कहना है कि मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल अभी भी महंगा है। खासकर सूखे मेवे, दूध, घी और बेसन की बढ़ी कीमतों के कारण मिठाइयों की लागत पर दबाव बना हुआ है।
मिठाई कारोबारियों के मुताबिक, शक्कर के भाव में कमी से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन मिठाई की कुल लागत में ड्राईफ्रूट और अन्य सामग्री की हिस्सेदारी अधिक होने के कारण कीमतों में बड़ी कमी करना मुश्किल है। त्योहारी सीजन में ड्राईफ्रूट वाली मिठाइयों पर इसका असर और ज्यादा देखने को मिल सकता है।
वहीं, किराना कारोबारियों का कहना है कि बाजार में शक्कर की कोई कमी नहीं है, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। हालांकि फिलहाल शक्कर का उठाव अपेक्षाकृत कमजोर बना हुआ है।
हर महीने जारी हुआ लाखों टन का कोटा
वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार की ओर से घरेलू बाजार के लिए लगातार शक्कर का कोटा जारी किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में 24 लाख टन, नवंबर में 20 लाख टन, दिसंबर में 22 लाख टन, जनवरी 2026 में 22 लाख टन, फरवरी में 22.5 लाख टन, मार्च में 22.5 लाख टन, अप्रैल में 23 लाख टन, मई में 22.5 लाख टन, जून में 22.5 लाख टन, जुलाई में 22 लाख टन और अगस्त में 22.5 लाख टन का कोटा जारी हुआ।
स्टॉक लिमिट से ज्यादा मिला तो होगी कार्रवाई
भोपाल जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक सीएस जादौन ने बताया कि केंद्र सरकार ने शक्कर की स्टॉक लिमिट को लेकर निर्देश जारी किए हैं। राज्य सरकार के आदेश का इंतजार किया जा रहा है। आदेश जारी होते ही खाद्य विभाग की टीमें व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर स्टॉक की जांच करेंगी।
उन्होंने कहा कि निर्धारित सीमा से अधिक शक्कर का स्टॉक पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




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