इंदौर नगर निगम में संपत्तिकर नामांतरण फर्जीवाड़े के बाद सख्ती, अब ई-ऑफिस से चलेंगी राजस्व विभाग की सभी फाइलें
354 से अधिक संपत्तिकर खातों के नामांतरण की जांच जारी, बड़े बकायादारों की संपत्तियों पर ताला लगाने के निर्देश
इंदौर। नगर निगम के राजस्व विभाग में संपत्तिकर नामांतरण में सामने आए कथित फर्जीवाड़े के बाद निगम प्रशासन ने अब व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को सभी फाइलें ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मैन्युअल प्रक्रिया को पूरी तरह बंद करने और प्रत्येक कार्य की डिजिटल नोटशीट तैयार करने पर जोर दिया गया है।
354 से अधिक खातों के नामांतरण की जांच
राजस्व विभाग मुख्यालय में करीब 354 से अधिक संपत्तिकर खातों का नामांतरण नोटरी के आधार पर किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि नोटरी के आधार पर संपत्ति का नामांतरण नहीं किया जाता। मामला सामने आने के बाद इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
जांच रिपोर्ट जल्द ही निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अधिकारियों की लगाई क्लास
निगम आयुक्त ने सिटी बस कार्यालय में राजस्व विभाग के अपर आयुक्त आकाश सिंह, उपायुक्त गरिमा पाटीदार, 22 जोन के सभी सहायक राजस्व अधिकारियों (एआरओ) और बिल कलेक्टरों के साथ बैठक कर राजस्व वसूली और नामांतरण व्यवस्था की समीक्षा की।
बैठक में निगम आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व विभाग से संबंधित सभी फाइलें अब ई-ऑफिस के माध्यम से ऑनलाइन संचालित होंगी। हर काम की नोटशीट डिजिटल रूप में तैयार की जाएगी। मैन्युअल प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम प्रशासन का मानना है कि डिजिटल प्रक्रिया से काम में पारदर्शिता आएगी और फर्जीवाड़े की संभावना कम होगी।
एक-दो दिन में शुरू होगी ई-ऑफिस व्यवस्था
निगम आयुक्त ने अपर आयुक्त आकाश सिंह को निर्देश दिए कि राजस्व विभाग में ई-ऑफिस व्यवस्था को एक-दो दिन में लागू किया जाए। इसके बाद फाइलों की ऑनलाइन ट्रैकिंग और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी।
बड़े बकायादारों पर चलेगा विशेष अभियान
बैठक में संपत्तिकर वसूली को लेकर भी निगम आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया। सभी एआरओ और बिल कलेक्टरों को बड़े टैक्स बकायादारों के खिलाफ विशेष वसूली अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
निगम प्रशासन के निर्देश के मुताबिक, जो बड़े बकायादार टैक्स जमा नहीं करेंगे, उनकी संपत्तियों पर तालाबंदी की कार्रवाई की जाएगी। वसूली अभियान के दौरान आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पीओएस मशीन और कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बाउंस चेक की एक सप्ताह में होगी रिकवरी
राजस्व वसूली के दौरान बाउंस हुए चेक की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को ऐसे चेक की राशि की रिकवरी एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा बिजली वितरण कंपनी से प्राप्त डाटा के आधार पर रेसीडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी का सर्वे कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं। निगम प्रशासन का उद्देश्य संपत्तियों का रिकॉर्ड अपडेट करने के साथ राजस्व वसूली को मजबूत करना है।




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