सिरोंज। जिला प्रशासन ने घरेलू गैस वितरण व्यवस्था में अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सिरोंज क्षेत्र की तीन गैस एजेंसियों के कार्यालयों और गोदामों पर संयुक्त निरीक्षण किया। जांच के दौरान स्टॉक में गड़बड़ी, सुरक्षा मानकों की अनदेखी, रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही और अवैध गैस रिफिलिंग जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
एसडीएम ओमनारायण बड़कुल के नेतृत्व में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट दोजीराम अहिरवार, सहायक आपूर्ति अधिकारी प्रकाश यादव, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सत्यपाल सिंह जादौन, राजस्व अमला और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने प्रिंसी भारत मुगलसराय ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी, बामोरीशाला इंडेन ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी तथा हीरा गैस एजेंसी सिरोंज का निरीक्षण किया।
जांच में एजेंसियों पर आवश्यक सूचना प्रदर्शित करने वाले बोर्ड नहीं मिले। उपभोक्ता शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर, बैलेंस शीट, कर्मचारियों की पहचान संबंधी व्यवस्था और सर्विस वाहनों की स्पष्ट पहचान भी नहीं पाई गई। इसके अलावा वाहनों का सत्यापन नहीं कराया गया था और अभिलेख भी अव्यवस्थित मिले।
गोदामों के निरीक्षण में फायर सेफ्टी मानकों के पालन में कमी, सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही, गोदाम संचालन में अनियमितताएं तथा अवैध गैस रिफिलिंग जैसी गंभीर खामियां भी उजागर हुईं। जांच दल ने पाया कि गैस वितरण प्रणाली से जुड़े शासन के कई दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था।
निरीक्षण के दौरान एजेंसियों के संचालकों से अनुज्ञप्ति, गैस वितरण व्यवस्था और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की गई। प्रशासन ने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 एवं अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में संबंधित गैस एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। जांच प्रतिवेदन वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा और गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे।




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