आरटीआई की प्रभावशीलता बढ़ाने पर मंथन, सूचना आयोगों की स्वायत्तता और पारदर्शिता पर उठे सवाल


राष्ट्रीय स्तर के 316वें आरटीआई वेबिनार में पूर्व सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने प्रतिभागियों के सवालों के दिए जवाब, व्यवस्था सुधार और नागरिक सहभागिता पर हुई विस्तृत चर्चा

भोपाल। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित 316वें आरटीआई वेबिनार में सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम की वर्तमान स्थिति, सूचना आयोगों की स्वायत्तता, व्यवस्था में पारदर्शिता और नागरिक सहभागिता जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। वेबिनार का आयोजन 12 जुलाई को किया गया, जिसमें देशभर के आरटीआई कार्यकर्ता, कानूनी विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

वेबिनार में पूर्व सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने प्रतिभागियों के सवालों के जवाब देते हुए आरटीआई अधिनियम के प्रभावी उपयोग, आयोग के आदेशों के पालन और कानूनी प्रक्रियाओं पर मार्गदर्शन दिया। उत्तराखंड के आरटीआई रिसोर्स पर्सन वीरेंद्र कुमार ठक्कर ने स्लाइड प्रस्तुति के माध्यम से आरटीआई व्यवस्था की चुनौतियों और समाधान पर जानकारी दी। वहीं, गुजरात माहिति अधिकार पहल की पंक्ति जोग ने प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने के लिए सुधारात्मक सुझाव प्रस्तुत किए।
चर्चा के दौरान आरटीआई संशोधन अधिनियम-2019 को लेकर चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि संशोधन के बाद सूचना आयोगों की स्वतंत्रता प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है, क्योंकि आयुक्तों के कार्यकाल और वेतन संबंधी नियम तय करने का अधिकार केंद्र सरकार को दिया गया है। इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में लंबित याचिकाओं का भी उल्लेख किया गया।
प्रतिभागियों ने आरटीआई कार्यकर्ताओं की सुरक्षा, प्रशासनिक भ्रष्टाचार, आयोगों के आदेशों के पालन में लापरवाही और तकनीकी बाधाओं जैसे मुद्दे भी उठाए। सुझाव दिया गया कि धारा-4 के तहत स्वतः सूचना सार्वजनिक करने की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए और आरटीआई कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण एवं कानूनी सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
वेबिनार में आयोग के आदेशों के अनुपालन नहीं होने की स्थिति में धारा-18 के तहत शिकायत, विभागीय कार्रवाई और सामूहिक दबाव समूह बनाने जैसे उपायों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि ब्लॉक स्तर तक लोगों को आरटीआई के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने किया। वेबिनार में देवेंद्र अग्रवाल, वीरेंद्र कुमार ठक्कर, सुनील खंडेलवाल, राज तिवारी सहित देशभर से सैकड़ों प्रतिभागी शामिल हुए।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ