नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली और लखनऊ में हाल ही में हुई अग्निकांड की घटनाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण और प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध कब्जों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों से पूछा कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के बाद अब तक क्या कार्रवाई की गई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि अवैध निर्माण और कब्जों के विरुद्ध प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
अदालत ने दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में स्थिति की समीक्षा के लिए एक विशेष समिति गठित करने का निर्देश भी दिया। समिति में संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल कर विस्तृत सर्वेक्षण कराने और निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि आग जैसी घटनाओं के बाद केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। स्थानीय निकायों और प्रशासन को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अधिकारियों से यह भी पूछा कि 20 मई को जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों के अनुपालन में अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई में संबंधित विभागों से विस्तृत स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।




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