भोपाल। मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग ने प्रदेशभर के 381 नायब तहसीलदारों को नियमित रूप से तहसीलदार पद पर पदोन्नत करने के आदेश जारी कर दिए हैं। 12 जुलाई 2026 को जारी आदेश के बाद कई जिलों में पदोन्नत अधिकारियों ने संबंधित कलेक्टर के समक्ष कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। लंबे समय से प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे अधिकारियों को अब नियमित तहसीलदार के रूप में नियुक्ति मिलने से राजस्व प्रशासन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विभाग के अनुसार नियमित पदोन्नति के बाद तहसीलदार भूमि अभिलेखों के प्रबंधन, नामांतरण, सीमांकन, राजस्व वसूली, आपदा राहत, निर्वाचन कार्य सहित अन्य प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करेंगे। इससे तहसील स्तर पर लंबित मामलों के तेजी से निराकरण और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की संभावना जताई जा रही है।
इधर, जिन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित है, उनके मामलों में शासन ने 'सीलबंद लिफाफा (Sealed Cover Procedure)' लागू किया है। ऐसे अधिकारियों की पदोन्नति पर अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद सेवा नियमों के अनुसार लिया जाएगा।
राजस्व विभाग के इस फैसले से प्रदेश में तहसीलदारों के रिक्त पदों की संख्या कम होगी और प्रभारी व्यवस्था पर निर्भरता भी घटेगी। माना जा रहा है कि इससे राजस्व प्रकरणों के निपटारे की गति बढ़ेगी तथा प्रशासनिक जवाबदेही और कार्यकुशलता में सुधार आएगा।




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