रीवा | 7 जून 2026 विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रविवार को राष्ट्रीय स्तर के विशेष वेबीनार का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से पर्यावरणविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, आरटीआई एक्टिविस्टों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम में पद्मश्री बाबूलाल दहिया, पर्यावरणविद महेश पंड्या, आरटीआई रिसोर्स पर्सन वीरेंद्र कुमार ठक्कर, पूर्व राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह, देवेंद्र अग्रवाल, राज तिवारी और हरीश प्रसाद सोलंकी सहित सैकड़ों प्रतिभागी शामिल हुए।
वेबीनार में मुख्य वक्ता वीरेंद्र कुमार ठक्कर ने स्लाइड प्रेजेंटेशन के माध्यम से बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरणीय चुनौतियों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि औद्योगिकीकरण और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से पर्यावरण पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। कृषि भूमि में कमी और बढ़ती आबादी भविष्य में खाद्य सुरक्षा के लिए भी चुनौती बन सकती है। बुरहानपुर के हरीश प्रसाद सोलंकी ने जल प्रदूषण से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नदियों में प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाने और आरटीआई लगाने पर उन्हें प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद मामले की जांच हुई और उन्हें मुआवजा भी मिला।छत्तीसगढ़ के देवेंद्र अग्रवाल, ग्वालियर के राज तिवारी तथा अन्य वक्ताओं ने भी पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण को लेकर साझा एक्शन प्लान पर सर्वसम्मति बनी।
वेबीनार का संचालन सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने किया।




0 टिप्पणियाँ