महिलाओं में कैंसर के प्रति जागरूकता की कमी चिंताजनक : शिवराज

2,598 मरीजों की जांच में 586 कैंसर पीड़ित, 254 संदिग्ध मिले, सभी के उपचार की बनेगी कार्ययोजना

विदिशा, प्रतिनिधि। अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय नि:शुल्क कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर का रविवार को समापन हो गया। शिविर में कुल 2,598 मरीजों की जांच की गई, जिनमें 586 मरीज कैंसर से पीड़ित पाए गए, जबकि 254 मरीजों में कैंसर की आशंका व्यक्त की गई है।

समापन अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अभियान केवल जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रत्येक मरीज के लिए अलग उपचार कार्ययोजना तैयार कर समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मरीजों की स्थिति के अनुसार कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, बायोप्सी अथवा सर्जरी की आवश्यकता तय करेगी। आयुष्मान भारत योजना के पात्र मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं में कैंसर के प्रति जागरूकता की कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर की समय रहते पहचान और उपचार संभव है, लेकिन जानकारी के अभाव और संकोच के कारण कई मामले देर से सामने आते हैं। उन्होंने 14 वर्ष तक की बेटियों को एचपीवी वैक्सीन लगवाने की अपील करते हुए कहा कि यह टीका सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर नि:शुल्क उपलब्ध है और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी है।

उन्होंने तंबाकू, गुटखा, सुपारी, बीड़ी, पान मसाला और शराब जैसी आदतों के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए नशामुक्ति को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल मुंबई और एम्स भोपाल से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों का आभार भी व्यक्त किया।

कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने शिविर को जिले के लिए भागीरथी प्रयास बताते हुए कहा कि हजारों लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध हुईं तथा गंभीर रोगों की समय रहते पहचान संभव हो सकी। उन्होंने बताया कि टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल, एम्स भोपाल, मेडिकल कॉलेज विदिशा एवं जिला चिकित्सालय के समन्वय से शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

समापन कार्यक्रम में विदिशा विधायक मुकेश टंडन, सिलवानी विधायक रामपाल सिंह राजपूत, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मनीष निगम, विशेषज्ञ चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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