खबर छपी, टेंडर भी बताया गया… फिर भी बदहाल सड़क पर जान जोखिम में डालकर चल रहे ग्रामीण

8 जनवरी को खबर छपी, टेंडर भी बताया गया… फिर भी बदहाल सड़क पर चलने को मजबूर ग्रामीण

काला देव मातामडूरा मार्ग: कब जागेंगे जिम्मेदार?

शुभम सोनी आनंदपुर। 8 जनवरी को “काला देव मातामडूरा सड़क बदहाल, जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे मजबूर ग्रामीण” शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था। खबर में सड़क की बदहाली के साथ संबंधित अधिकारियों द्वारा जल्द टेंडर जारी होने की बात भी कही गई थी, लेकिन एक माहा होने को है उक्त सड़क पर आज तक कोई भी कार्य शुरू नहीं हो पाया है। नतीजा यह है कि सड़क की स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है और राहगीरों को अब भी जान जोखिम में डालकर आना-जाना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि काला देव माता मोड़ की यह सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी गिट्टियां और फिसलन के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा परेशान हैं, वहीं बरसात के दौरान हालात और भी खराब हो जाते हैं।
एमपी लोक निर्माण विभाग के ऐप पर भी की शिकायत, गलत जानकारी देकर किया समाधान

सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर हमारे द्वारा मौके पर पहुंचकर एमपी लोक निर्माण   विभाग के ऐप के माध्यम से संबंधित सड़क की शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अधिकारियों द्वारा बिना किसी वास्तविक सुधार के गलत जानकारी दर्ज कर शिकायत का समाधान कर दिया गया। इससे पहले भी इसी तरह शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसे कागजों में ही निपटा दिया गया।
इस पूरे मामले की शिकायत जिले के संबंधित अधिकारियों से भी की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी केवल फाइलों में सड़क ठीक दिखा रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

टेंडर की बात कहकर भूल गए जिम्मेदार?

खबर प्रकाशित होने के समय अधिकारियों द्वारा टेंडर जारी होने की बात कही गई थी, लेकिन न तो काम शुरू हुआ और न ही स्थल पर किसी तरह की हलचल दिखाई दी। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों का सीधा सवाल है

जब बार-बार शिकायत, खबर प्रकाशन और ऐप पर शिकायत करने के बाद भी  कार्रवाई नहीं होती, तो आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार?
कहीं किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन हरकत में आएगा?

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